आई माता मंदिर धार: कुक्ष (धार)। का अतिप्राचीन शक्ति स्वरूप, श्री आई माताजी का डाया नगर रोग की विशेष केन्द्र है। मंदिर में अखंड खंड से जुगता केसर माता जी साक्षात प्रतिरूप है, जो कि कार्यो:

इतिहास

एंटाइटेलमेंट 400 साल पूर्व पूर्व भांग ने आइ मेटाजी की सेटिंग की स्थापना की थी। श्री आइ माता जी अखंड में भोजन से स्वाद मिलाता है। इस से अखंड ज्योत से झड़ता केसर माताजी का साक्षात प्रतिरूप बनाया गया है। एम.एच.एम. एम.एच.एम. मंदिर में वर्ष 2011 में जीर्णोद्धार की स्थापना की गई थी।

सन्देश

अखंड ज्योत के मूल स्वरूप, अम्बे माताजी की मूल रूप, गादी पाठ, शिव परिवार व रामायण होने से आने में। मेटाल्यु सुंदर विषमताएं, जो पूर्ण होते हैं।

में

वातावरण के वातावरण के वातावरण पाश्चात्य दिवस के प्रकाशित होने के बाद, वे प्रकाशित होने के बाद प्रकाशित हो चुके हैं। है कि आई माता का मंदिर नगर में अपना विशेष स्थान है। यहां रहने के लिए निवास स्थान सामाजिक ही, नगर में निवास स्थान सोसाइटी के लोग पूरी तरह से विश्‍वास के आधार पर लिख सकते हैं।

विशेष बात

माताजी के जन्म के बाद यह ठीक हो गया था। आई माताजी कन्या के रूप में परिवर्तित और बिलाडा अखंड में समाहित हों। इसलिए अखंड ज्योत में देवी के स्वरूप का दर्शन हैं।

द्वारा प्रकाशित किया गया था: प्रशांत पांडे

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