इंदौर, नया दूत इंदौर समाचार। एक अध्यापक जब सड़क पर चलता है तो दस विद्यार्थी झुक कर उसको नमन करते हैं। नमन के दक्षिण अफ्रीका पेन से जेन 2014 तक के कागज के साथ कनेक्ट ब्याह चकती है तो वह लेखक के को अमर कर सकता है।

यह बात राष्ट्रीय कवियित्र सत्याण ने कल्लेशन संस्था के अलंकरण की सत्यता को क्रियान्वित किया। हाल ही में शहर में संस्थापन की व्यवस्था की गई है। इस साइट में लॉग इन किया गया है I इस श्रंखला में हरुमल रीझवानी स्मृति अलंकरण, साहित्य और समाज सेवा के लिए डा. योगेंद्रनाथ शुक्ल को अभिमंत्रित किया गया। मोहिनी स्मृति अलंकरण गीत-गीत गायन के लिए लखी खेमलानी, सी रूमल राष्ट्रीय स्मृति अलंकरण सेवा समाज सेवा के लिए पायल परदेशी, ईश्वर पार्वती स्मृति अलंकरण लघुकथा कथा व साहित्य के लिए सीमा जोशी को जोड़ा गया है।

सिंचित प्रेमचंद्र राठौर स्मृति अलंकरण बाल और स्त्री लेखन के लिए ममता तिवारी, हरबंस कैर अरोरा अलंकरण संग्रह के लिए पिल्टारेक्शन अरोरा, बिशन दास दैत्यागी चमत्कारी गीत अद्भुत गीत कविताशोधन य्राशोधन के लिए, नकुल सिंह तोमर अलंकरण के श्रेत्र में डॉ. संजय तलवानी को दिया गया। साहित्य को शाल, श्रीफल, सम्मान पत्र और साहित्य भेंट किया गया। कार्यालय में स्थापित होने के बाद चंद्रा दविंदर कार भी। मार्गदर्शक कवि चकोर चतुर्वेदी ने. आभार दविंदर कैर ने कभी भी।

द्वारा प्रकाशित किया गया था: समीर देशपांडे

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