खंडवा (नई विश्व दूत)। शहर से सात दूरस्थ रोड पर गांव छैगांव में विराजित माता रेनुका माता के दर्शन के लिए श्रद्वालु हैं। आँवरा के ऐंक्टेंट को विशेष रूप से बनाया गया है। अष्टमी पर विशेष प्रकाश डाला गया। पर्यावरण के साथ संदेश भेजने के लिए भी. हवन के बाद कन्या भोज व प्रसादी. माँ रेणुका समाज के 24 घंटे पूरे कर रहे हैं। के 20 से अधिक वायुयान से अष्टमी और नवमी पर विशेष रूप से दर्शन के लिए इसके साथ ही खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, चंडीगढ़ में बसे हुए थे। मनोनीत करने वाले सामान पर रहने की स्थिति में चीजें जैसी चीजें होती हैं. ट्विट का बैक्टीरिया भी हैं। रेणुका चौदस पर विशेष खेल खेलने वाला।

देवी ने बयाया था गांव

यह मंदिर 700 साल पहले स्थापित है। रेणुका की माता जमी अग्नि ऋषि की पत्नी व परशुराम की माता हैं। बैटरियों की प्राचीनता काल में खांडव वन का क्षेत्र विरान था। उस समय माँ रेणुका ने तपस्या की थी। यहां से गुजरते हुए कुछ मुसाफिरों को उन्होंने यहीं पर गांव बसाने के लिए आदेश दिया व भोजन पानी का प्रबंध किया। मेरठ में दर्ज़ गांव का नाम छैगांवदेवी है।

माता रेणुका की पूजा में नवमी पर आज की माँ का विशेष श्रृंगंगार होगा। सुबह से शुरू होने वाला कन्या भोज होगा। संकट के हालात हैं। पूरी तरह से पूरा करने के लिए सभी प्रकार के जीव विज्ञान पूरी तरह से पूरा होंगे। पंडित आनंदन पारे

द्वारा प्रकाशित किया गया था: नई दुनिया न्यूज नेटवर्क

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