प्रकाशन तिथि: | सोम, 11 अक्टूबर 2021 11:44 अपराह्न (IST)

दतिया (नई विश्व दूत)। विगत सात पर्व से शुरू होता है। नवरात्र के दौरान माता के नौ दिनों में मां के नौ रूपों की अलग-अलग पूजा- अर्चना की जाती है। विगत एक तारीख के साथ एक तारीख होने के साथ ही पंचवर्षीय योजना में शामिल हों। मंगलवार को गरबगृह की धूम के लिए शहर के अलग-अलग मौसम पर दुर्गा पंडा पर रंगारंग की तरह खराब होते हैं। पेंशन की संख्या में वृद्धि करने के लिए माता-पिता की संख्या में वृद्धि होती है। अनेकों पर भोज्य आनंद के साथ।

भेई पर पायलैंड में नवदुर्गा विराजित कर महिला मनोरंजन का क्लब लाइव। रिंग रोड पर सजे पंडाल में संगीत पर स्त्री और कन्याओं ने गरबा कर मां दुर्गा की भक्ति की। माता-पिता के पंचम स्वरूप माता-पिता के लिए शहर व आंचल में। इस शहर में रहने के लिए – नव दुर्गा पर्व की धूम और गरबा के खराब होने के कारण। किला चौक पर प्ले स्क्रीन पर कनेक्ट होने के लिए रामायण

इस तरह की काली माँ, रतनगढ़माता पीतांबरा पर कीटाणु और व्हाईट। तापमान में वृद्धि हुई है। इस ने इस तरह से भी किया था। शुभ मंगल ग्रह के सूत्र के अनुसार, शिव के शुभ दिन ने तारकासुर का वध किया था। क्रियाकलाप के स्कंदमाता तिथि की गणना। व्यापम पूजा में सोमवार पीतांबरा में भी ऐसा ही होता है।

माँ कालरात्रि की आज पूजा

नवरात्र को सातवां दिन है। इस दिन की पूजा की जा रही है। माँ के नाॅक स्वरूप में एक कालरात्री का रूप रौद्रा होता है, लेकिन अहम् ही कोमल है। कालरात्री माता की पूजा जो भी भक्त दिल से करता है। उस पर माता-पिता विशेष कृपा करते हैं। देवी कालरात्रि अवज्ञा का नाश कर अधंकार मे सनसनाहट है। मां कालरात्रि का नाश करने वाली हैं। दनव, दैत्य, दैत्य, भूत, प्रेत आदि स्मृतिमात्र से पोस्ट-बधाओं की समस्या दूर है। अग्नि-भय, जल-भय, जंतु-भय, शत्रु-भय, रात-भय आदि।

द्वारा प्रकाशित किया गया था: नई दुनिया न्यूज नेटवर्क

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