प्रकाशन तिथि: | गुरु, 14 अक्टूबर 2021 09: 00 अपराह्न (आईएसटी)

धामनोद (नई न्यूज न्यूज)। नगर से दूर एक उत्कृष्ट अवसंरचना मां हिंगलाज अतिप्राचीन। बुजुर्गों के अनुसार यह मंदिर पांच हजार साल से भी अधिक पुराना है। खास यह है कि दुनिया में यह बात है हिंगलाज के दो ही मंदिर हैं। एक मंदिर, तो दूसरा मंदिर धामनोद में।

देव युद्ध से खतरनाक था। जीती हुई जीत हासिल करने के लिए, यह सफल था। इस क्षेत्र के वनों के नाम चर्चित हैं। मंदिर स्वयंभू है। धांधनोद के किसान ने 71 साल का था। लोगों की समस्या का यह विशेष केंद्र है। नगर के लोग भी ऐसा ही करते हैं। मंदिर का जीर्णोद्धार 16 साल के लिए वरिष्ठ समाजसेवी जगदीशधाडिया ने था।

पांच से बाहर चुन्नी यात्रा

चार्ज मूवी बड़ी संख्या में शामिल हैं। अष्टमी को भ्रष्टाचार राम मंदिर से कंकरी बृहस्पतिवार, जो बेगंद रोड हिंगलजी माता पद्मा। साल भर में यह प्रोग्राम कार्यक्रम कार्यक्रम होगा। मकर संक्रांति पर महाआरती और देबी-पोहे का जल फॉर्च्य है। शिवरात्रि में फलाहारी है। दीपावली पर 5100 दीपापाई दीप यज्ञ है। नवरात्र में भंडारा होता है तथा नौ दिन शतचंडी पाठ व नवचंडी पाठ किया जाता है। नवमी पर यज्ञ की पूर्णाहुति होती है।

पानी दिन तक जलता है अखंड दीपक

अद्भुत चमत्कारी। ज्‍यादा ही ज्‍वरीय ज्‍वर प्रकाश ने प्रकाशित किया। हर नल में हर दिन अखंड दीपक जलता है। माता-पिता संचार सुरक्षा अधिकारी, सुभाष काकाजी बेगंदा, राकेश महिलिया, विकास महिलिया, आत्माराम, वीरेंद्र गीते, टेक्सटाइल गत पांच साल की सेवा की देखभाल और प्रशिक्षण पढ़ने वाले हैं।

द्वारा प्रकाशित किया गया था: नई दुनिया न्यूज नेटवर्क

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