नमो देवये महा देवये: अश्विन बख्शी, खंडवा। अपनी इच्छाशक्ति व संकल्प से तीन साल तक तैयारी के बाद 24 साल की निमिषि त्रिपाठी ने यूपीएससी में सफलता पाई है। दृढ़ संकल्पित निमिष अन्य लड़कियों के लिए भी प्रेरित हो रहे हैं। पद पर रहने वालों के मार्गदर्शक की इच्छा होती है। सफल होने की कोशिश की। खंडवा पुनासा रेंज के तहत आने वाले गांव कोठी (सनावद) में फारेस्ट गार्ड अवधेश त्रिपाठी की बेटी ने हाल ही में यूपीएससी में आल इंडिया लेवल पर 622 वीं रैंक पाकर जिले का गौरव बढ़ाया है। पिता अवधेश त्रिपाठी ने 2017 में बेटी को उच्च शिक्षा के लिए प्रवेश दिया।

वहां से स्नातक की पढ़ाई की पढ़ाई की। 2014 में सनावद से 12वीं… 2017 से स्नातक किया। बाद में 2018 की तैयारी शुरू करें। एक साल दिल्ली में पूरी तरह से सजाए जाने के बाद वायु पुनः लाक में शामिल हों। घर पर ही रहने के लिए आगे की तैयारी की।

सोच है : निमिषी ने कामयाबी के लिए माता-पिता की मेहनत की। पांचवीं कक्षा में व्यवस्थित होने की स्थिति में यह व्यवस्थित होता है। 12वीं के बाद कुछ रास्ता सूझा। पांवं खंडवा के लिए बुद्धिमान से मार्गदर्शन करें। मदद के लिए। अध्ययन की तैयारी की परीक्षा दी।

घर पर भी अदायगी से

निमिषीकरण ने परीक्षा की दूरी लाक के बाद के समय में ही किया था। सात से आठ घंटे का पूरा परीक्षा परीक्षा पर समाप्त। . संकल्प ही सफल रहा। मोबाइल और दोस्तों से दूर-दूर तक। संकल्प के अनुसार पूरा किया गया।

द्वारा प्रकाशित किया गया था: प्रशांत पांडे

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