प्रकाशन तिथि: | बुध, 13 अक्टूबर 2021 दोपहर 12:52 बजे (आईएसटी)

भोपाल कला और संस्कृति समाचार: भोपाल (नव विश्व र) । इजहार से इजहार’ कार्यक्रम में देशदेश–प्रदेश के कुछ पाठ अधिकारी, जो कवि और शायर भी हैं, ने काव्यपाठ। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ नुसरत महदी नें हानिकारक संचार से परिचय का परिचय दिया। श्लाश्म, श्लाष्म दाहिमा, मनीष, शशांक गर्ग, पल्लवी त्रिवेदी स्मिता आदि ने अपनी कविताएं लिखीं, और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पसंद किया।

इन अश्र को सतर्कता

लगातार खराब रहने की स्थिति

चौंकरी ओढ़े मन बाराती हो।

– आनंद कुमार शर्मा

मैं के बारे में भी जनाजे में सो बैठक

है कफन की बढ़ी हुई कीमतों यारों

– डॉक्टर मिश्रा

आज दीवानों की कीमत में

आज बाजार में मगर हैं हम भी।

– मुजफ्फर अब्दाली

यह दरिया

Movie Diy के अपने बचाए गए हैं।

– फैयाज फारुकी

मिरे देश

मीरा देश जो तलाश में है

अपनी

अपनी पहचान

-नीरज वशिष्ठ

व्यक्तिगत से दर्द ये

बचपन से मॉन पे…

बाजार में भी कह गया मैयार पर गजल

सौदा

– अजय सहाबी

यह निर्धारित करने के लिए

वो और खुले हों हमने जिन्हें दर्ज किया था।

-आलोक यादव

धूप धूप, तन्हा और धूप का हुम

इनमें

– मोनिका सिंह

द्वारा प्रकाशित किया गया था: रवींद्र सोनिक

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