खान एवं भू विज्ञान विभाग निदेशालय के निर्देश पर गठित कमेटी की जांच में हुआ खुलासा
– मैसर्स अम्बुजा सीमेंट लिमिटेड पर लगाया 12.36 करोड़ का जुर्माना

नागौर. जिले के मूण्डवा कस्बे के पास निर्माणाधीन अम्बुजा सीमेंट कम्पनी ने उत्पादन शुरू करने से पहले ही रॉयल्टी की चोरी करना शुरू कर दिया है। कम्पनी के अधिकारियों द्वारा की गई यह गड़बड़ी खान एवं भू विज्ञान विभाग निदेशालय उदयपुर द्वारा हाल ही करवाई गई जांच में सामने आई है। निदेशालय द्वारा गठित कमेटी ने जांच के बाद सबमिट की रिपोर्ट में कम्पनी पर 12 करोड़ 36 लाख 47 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है, जो वसूली योग्य है।

विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार उदयपुर निदेशालय द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच कमेटी ने खनन क्षेत्रों व अम्बुजा के प्लांट का तीन दिन तक निरीक्षण के बाद जो रिपोर्ट पेश की है, उसमें कई अनियमितताएं उजागर की है। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार खनन पट्टाधारी द्वारा एमसीआर 2016 के नियम 12(1)(1) का उल्लंघन किया गया है जिसके अनुसार खनन पट्टाधारी को खनन पट्टा क्षेत्र से उत्पादित एवं निर्गमित खनिज का सटीक व विश्वसनीय खाता रखा जाना आवश्यक है। लेकिन खनन पट्टाधारी द्वारा विभाग में पेश किए गए रिकॉर्ड के अनुसार स्वयं के सीमेंट प्लांट को निर्गमित किए गए खनिज की मात्रा एवं खनन पट्टा क्षेत्र में उपलब्ध उत्पादित खनिज की मात्रा, मौके पर खनन पिट्स (खान) की पैमाइश (नाप-तौल) से प्राप्त उत्पादित खनिज की मात्रा से काफी कम है, जिससे स्पष्ट है कि खनन पट्टाधारी द्वारा अनियमितता की गई है, अत: एमसीआर के नियम 12(9) के तहत खनन पट्टा निरस्त किया जा सकता है।
गौरतलब है कि कम्पनी को मूण्डवा के खेरवाड़ क्षेत्र में लाइमस्टोन (प्रधान) के खनन के लिए दो खनन पट्टे आवंटित है, जबकि एक निर्माणाधीन सीमेन्ट प्लांट मूण्डवा में स्थित है।

ये भी मिली अनियमितताएं

  • कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार खनन पट्टाधारी अम्बुजा सीमेंट कम्पनी द्वारा उप ग्रेड खनिज का उपयोग क्रेशर की रेम्प बनाने एवं खनन पट्टा क्षेत्र में विभिन्न रास्ते एवं उनके डिविडर्स (परकार) बनाने में किया गया है, जबकि एमसीआर के नियम 12(1)6) के अनुसार भविष्य में लाभकारी के लिए उप ग्रेड व गैर बिक्री योग्य को व्यवस्थित रूप से रखा जाना आवश्यक था। खनन पट्टा धारी द्वारा खनिज का दुरुपयोग किया जाना एमसीआर के नियम 12(1) एवं 37 तथा 18 जनवरी 2007 को जारी पर्यावरण स्वीकृति की विशेष शर्त का भी उल्लंघन है।
  • खनन पट्टाधारी द्वारा खनन पट्टा क्षेत्रों के कौनों एवं मध्य स्तम्भ एमसीआर-2016 के नियम 12(1)(अ) के अनुसार निर्धारित नाप के स्थापित नहीं किए हैं।
  • खनन पट्टाधारी द्वारा खनन पट्टा संख्या 3/87 स्थित पिट संख्या 2 में एमएमआर-2019 की धारा 116(4) के प्रावधान अनुसार बेंच नहीं बनाई गई हैं, जो की खनन पट्टाधारी द्वारा प्रस्तुत खनन प्लान का भी उल्लघन है।
  • दोनों खनन पट्टा क्षेत्रों में प्रावधान अनुसार पर्याप्त मात्रा में पौधरोपण नहीं किया गया है। पर्यावरण स्वीकृति की विशेष शर्त का उल्लंघन है, जिसमें एक हजार पौधे प्रति हैक्टेयर का ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाने का प्रावधान है।
  • खनन पट्टेधारी द्वारा 300115 मैट्रिक टन खनिज का निर्गमन बिना रवन्ना के किया गया है, जो एमएमआरडी एक्ट की धारा 21(5) का उल्लंघन है तथा इस खनिज की कीमत राशि 1236.47 लाख खनन पट्टाधारी से वसूली योग्य है।













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