हाइलाइट्स

  • एनबीटी ऑनलाइन ने खबरों के मामले में एक बार फिर से अपनी विश्वनीयता कायम की है
  • बीएचयू के नवनिर्मित एमसीएच विंग की फॉल्स सीलिंग के क्षतिग्रस्त होने के मामले पर प्रशासन ने मानी गलती
  • अब आधिकारिक बयान में माना है कि कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था
  • पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 15 जुलाई को उद्घाटन किये गए 100 बेड के महिला और शिशु अस्पताल का काम बचा हुआ था

अभिषेक कुमार झा , वाराणसी
एनबीटी ऑनलाइन ने खबरों के मामले में एक बार फिर से अपनी विश्वनीयता कायम की है। बीएचयू के नवनिर्मित एमसीएच विंग की फॉल्स सीलिंग के क्षतिग्रस्त होने के मामले पर हुई छीछालेदर के बाद बीएचयू प्रशासन ने अब आधिकारिक बयान में माना है कि पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा 15 जुलाई को उद्घाटन किये गए 100 बेड के महिला और शिशु अस्पताल का काम बचा हुआ था। उसी अधूरे काम को पूरा करने के दौरान एमसीएच विंग के ओपीडी के फॉल्स सीलिंग का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।

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क्या था पूरा मामला?
15 जुलाई दिन बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी के दौरे पर आए थे और इस दौरान उन्होंने करीब 1500 करोड़ की सौगात वाराणसी को दी थी। इसी में एक परियोजना बीएचयू परिसर में स्थित 45 करोड़ की लागत से महिला और शिशु अस्पताल का निर्माण भी शामिल था। इस अस्पताल का उद्घाटन करने खुद पीएम मोदी आये थे और यहां उन्होंने डॉक्टरों से संवाद भी किया था। इस परिसर में पीएम ने करीब 30 मिनट बिताए थे। अस्पताल के कई हिस्सों को पीएम ने खुद घूम-घूम कर देखा था। लेकिन महज 36 घंटों के बाद शुक्रवार की सुबह ओपीडी हॉल के पास फॉल्स सीलिंग का एक हिस्सा गिर पड़ा। जैसे ही इस घटना की जानकारी प्रबन्धन के अधिकारियों को हुई तो मामले की गम्भीरत को समझते हुए अस्पताल के मुख्य द्वार को बंद कर के मामले पर लीपापोती शुरू हो गई । मामला पीएम के द्वारा उद्घाटन से सम्बंधित था, इसलिए कोई अधिकारी खुल कर बोलने को तैयार नहीं था।

अस्पताल प्रबंधन की सफाई ने लगाई एनबीटी की खबर पर मुहर
इस मामले पर जब एनबीटी की टीम ने छानबीन की तो पता चला कि अस्पताल का निर्माण कार्य अभी अधूरा है और पीएम मोदी के हाथों से इस अस्पताल का उद्घाटन करवा दिया गया। मामला बढ़ता देख अब बीएचयू प्रशासन ने सफाई दी है। बीएचयू एमएस डॉक्टर के के गुप्ता के हवाले से जारी बयान में कहा गया है कि अस्पताल के कुछ हिस्सों में बांस और बल्ली लगा कर मरम्मत का काम कराया जा रहा था और उन्ही बांस बल्लियों को खोलने के दौरान फॉल्स सीलिंग का कुछ हिस्सा गिर गया था जिसे मरम्मत कर ठीक करा दिया गया है।

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