हाइलाइट्स

  • राजनीतिक ठौर की तलाश में शॉटगन शत्रु
  • TMC के बाद JDU नेता से मुलाकात के बाद अटकलें तेज
  • JDU प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद से मिले शत्रुघ्न सिन्हा
  • मुलाकात की तस्वीर आने के बाद नई अटकलें

पटना:
बिहार की राजनीति के शॉटगन इन दिनों सियासी तौर पर नए ठौर की तलाश में हैं। ऐसा लग रहा है कि उनकी कांग्रेस में बहुत अच्छी नहीं चल रही। हाल फिलहाल में उनकी टीएमसी में जॉइनिंग की चर्चा ने भी जोर पकड़ा था। लेकिन अब जेडीयू नेता के साथ उनकी तस्वीरों ने अटकलों का नया बाजार गर्म कर दिया है। स

जेडीयू प्रवक्ता राजीव रंजन से मिले शत्रुघ्न सिन्हा
कभी बिहार की राजधानी पटना साहिब के सांसद और बीजेपी के फायरब्रांड नेता रहे शत्रुघ्न सिन्हा इन दिनों नीतीश की पार्टी के नेताओं से मेलजोल बढ़ा रहे हैं। फिलहाल तो वे कांग्रेस में हैं लेकिन हाल ही उनके ममता बनर्जी के टीएमसी में जाने की चर्चा थी। लेकिन इस तस्वीर के सामने आने से माहौल थोड़ा बदलता दिख रहा है। यशवंत टीएमसी के सहारे संसद जाने तो ‘शॉटगन’ शत्रुघ्न बीजेपी में घर वापसी की जुगत में? इशारे तो कुछ ऐसे ही मिल रहे…
कल ही यानि 20 जुलाई को नीतीश की पार्टी JDU के प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद से कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा की मुलाकात हुई। राजीव रंजन खुद ही दोनों की मुलाकात वाली तस्वीर ट्वीट की। ने ट्वीट करके इसकी जानकारी दी है। देखिए वो ट्वीट

क्या लिखा है ट्वीट में
इस ट्वीट में राजीव रंजन ने लिखा कि ’19 दिसंबर 2021 को दिल्ली में आयोजित वर्ल्ड कायस्थ कांफ्रेंस की तैयारियों के सम्बन्ध में बिहार की आन बान और शान प्रख्यात बॉलीवुड स्टार एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री शत्रुध्न सिन्हा जी से मिलकर मैंने विमर्श किया।’ आपको बता दें कि दोनों ही नेता कायस्थ समाज के हैं। वैसे तो बात जातिगत सम्मेलन की हो रही है लेकिन राजीव रंजन प्रसाद के शब्द बहुत कुछ कह रहे हैं।

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मोदी से बैर, नीतीश से याराना!
इस तस्वीर को देखकर ये भी साफ पता चल रहा है कि एक तरफ पीएम मोदी से शत्रुघ्न सिन्हा को काफी परहेज है तो नीतीश से यारी में उन्हें कोई ऐतराज नहीं है। हाल ही में शॉटगन ने नरेंद्र मोदी कैबिनेट विस्तार के समय बीजेपी पर तीखा हमला किया था। उन्होंने कहा था कि ‘देश की अर्थव्यवस्था खराब हो गई है, ऐसे समय में मंत्रिमंडल के विस्तार की कोई जरूरत नहीं थी।’ शत्रुघ्न ने यहां तक कह दिया था कि कैबिनेट विस्तार कार्यक्रम को ही स्थगित कर देना चाहिए।



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