हाइलाइट्स

  • दो सीटों पर उपचुनाव को लेकर रणनीतिक तैयारी में जुटी आरजेडी
  • तारापुर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी ने उतार दिए 43 विधायक
  • विधायकों को मिली है एक-एक पंचायत की जिम्मेदारी
  • तेजस्वी के इस दांव का क्या तोड़ निकालेगा कांग्रेस नेतृत्व

पटना
बिहार की दो विधानसभा सीटों तारापुर और कुशेश्वरस्थान पर हो रहे उपचुनाव को लेकर आरजेडी ने पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव दोनों सीटों पर जीत के लिए रणनीतिक तैयारी में जुटे हुए हैं। यही वजह है कि मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर पार्टी नेताओं की अहम बैठक हुई। इस बीच जानकारी मिल रही है कि तेजस्वी ने तारापुर सीट को लेकर खास प्लान तैयार किया है। जिसमें एक-एक पंचायत पर अलग-अलग विधायकों को जिम्मेवारी सौंपी गई है।

बिहार उपचुनाव में जीत को लेकर तेजस्वी बना रहे नई रणनीति
तेजस्वी यादव ने मंगलवार को हुई आरजेडी नेताओं की बैठक में कहा कि ये चुनाव हमें किसी भी हाल में जीतना है। पिछली बार जो भी कमी रह गई है उसे दूर करना होगा। ये हमारे लिए करो या मरो वाली स्थिति है। इसी के साथ तेजस्वी ने तारापुर विधानसभा सीट में आने वाली करीब 43 पंचायतों का जिम्मा पार्टी के 43 विधायकों को सौंप दिया है। हर विधायक को उस पंचायत के जातीय समीकरण और जमीनी स्थिति के मद्देनजर जिम्मेवारी दी गई है।

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तारापुर की 43 पंचायत के लिए उतार दिए 43 विधायक
जानकारी के मुताबिक, तारापुर विधानसभा का प्रभारी पार्टी के दिग्गज नेता उदय नारायण चौधरी को बनाया गया है। वहीं जिन विधायकों को जिन पंचायत का प्रभारी बनाया गया है उन्हें उस क्षेत्र में रहने के निर्देश दिए गए हैं। इलाके में रहकर विधायक वहां पार्टी के लिए लगातार प्रचार अभियान का जिम्मा संभालेंगे। बताया जा रहा कि इस महीने की 20 तारीख के बाद जिन विधायकों को तारापुर विधानसभा में पंचायतों की जिम्मेवारी मिली वो वहां पहुंचकर प्रचार अभियान में जुट जाएंगे।

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जातीय समीकरण के तहत विधायकों को दी गई है पंचायतों की जिम्मेवारी
जिन विधायकों को इस फेहरिस्त में शामिल किया गया है उनमें विधायक फतेह बहादुर सिंह, रीतलाल यादव, भूदेव चौधरी, सुनील कुमार कुशवाहा, राजेश गुप्ता शामिल हैं। इनके अलावा रंजीत कुमार यादव, मोहम्मद निहाल उद्दीन, राम विशुन यादव, राजवंशी महतो, राहुल तिवारी, राजेश कुशवाहा, संगीता कुमारी, सुदय यादव, रामदेव यादव, विभा देवी समेत 43 विधायकों के नाम शामिल हैं। हर विधायक को जातीय समीकरण के मद्देनजर ही पंचायत क्षेत्र दिए गए हैं।

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आरजेडी के इस दांव का क्या तोड़ निकालेंगे कन्हैया
उपचुनाव को लेकर आरजेडी की इस तैयारी के पीछे कई वजह हैं। सबसे अहम कारण ये है कि इस बार बिहार महागठबंधन के दो बड़े घटक दल आरजेडी और कांग्रेस आमने-सामने हैं। ऐसे में दोनों सीटों कुशेश्वरस्थान और तारापुर में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। सत्ताधारी एनडीए गठबंधन की ओर से दोनों ही सीटें जेडीयू को मिली हैं इसलिए वहां टकराव की स्थिति नहीं है। हालांकि, कांग्रेस-आरजेडी की टक्कर से जेडीयू को फायदा मिल सकता है। ऐसी किसी भी स्थिति से निपटने के लिए ही आरजेडी नेतृत्व नई रणनीति तैयार कर रहा है। अब देखना होगा कि तेजस्वी के नए दांव का कांग्रेस के स्टार प्रचारक कन्हैया और जिग्नेश किस तरह जवाब देंगे।

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