प्रतापगढ़/ अरनोद. यहां कस्बे के खेड़ी मोहल्ला स्थित एक जनरल स्टोर में बिज्जू(पाम सिवेट) को जोड़ा घुस गया। यहां शोकेस में मादा बिज्जू ने एक बच्चे को भी जन्म दिया। इसकी जानकारी मिलने पर दुकानदार ने वन विभाग को सूचना दी। जिस पर बिज्जू परिवार को रेस्क्यू किया और जंगल में छोड़ दिया।

-सूचना पर वन विभाग ने किया रेस्क्यू, जंगल में छोड़ा
प्रतापगढ़/ अरनोद. यहां कस्बे के खेड़ी मोहल्ला स्थित एक जनरल स्टोर में बिज्जू(पाम सिवेट) को जोड़ा घुस गया। यहां शोकेस में मादा बिज्जू ने एक बच्चे को भी जन्म दिया। इसकी जानकारी मिलने पर दुकानदार ने वन विभाग को सूचना दी। जिस पर बिज्जू परिवार को रेस्क्यू किया और जंगल में छोड़ दिया।
फोरेस्टर सलीम खां ने बताया कि उन्हें सोमवार को सूचना मिली के खेड़ा मोहल्ला स्थित जनरल स्टोर में बिज्जू देखा गया है। इस पर वे कर्मचारियों के साथ संसाधन लेकर दुकान पर पहुंचे। जहां दुकानदार सचिन जैन ने बताया कि कुछ दिनों पहले बिल्ली जैसा एक जीव देखा गया था। इस पर उसे बाहर भगाया था। वहीं सोमवार सुबह काउंटर में बिज्जू और एक बच्चे को देखा गया। इस पर वन विभाग को बुलाया गया। उपवन संरक्षक सुनीलकुमार के निर्देश पर कर्मचारी दुकान पर पहुंचे। जहां अंदर शोकेस में बिज्जू और बच्चा देखा गया। दोनों को रेस्क्यू किया गया। इसके बाद इनको जंगल में छोड़ दिया गया।

वन महोत्सव के तहत बसाड़ में किया पौधरोपण
–नीम, शीशम व केसिया सामिया के पौधे लगाए
प्रतापगढ़. निकटवर्ती राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, बसाड़ में विभिन्न प्रजाति के 51 पौधे लगाए गए। कृषि विज्ञान केन्द्र की ओर से यहां पौधरोपण किया गया। जिसके तहत नीम, शीशम व केसिया का पौधरोपण किया गया। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रभारी डॉ. योगेश कनोजिया ने इस अवसर पर पौधों की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि पौधे लगाकर ग्लोबल वार्मिग व प्रदूषण को आसानी से कम किया जा सकता हैं। डॉ. कनोजिया ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने से पर्यावरण में सुधार के साथ-साथ वर्षा भी अधिक होती हैं। उन्होनें बताया कि पौधें हमें प्राणवायु ऑक्सीजन देते हैं तथा पौधें कार्बन डाई ऑक्साइड को सोख कर पर्यावरण को सुधारते हैं। डॉ. कनोजिया ने प्रत्येक व्यक्ति को एक वर्ष में कम से कम पांच पौधे लगाने की बात कही।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्य शाहीन सुल्ताना ने कहा कि पेड़ों से हमें ईंधन की लकड़ी, फल तथा प्राणवायु मिलती हैं। प्रधानाध्यापक वीणा शर्मा ने बताया कि पेड़-पौधे जन्म से लेकर मृत्यु तक लकड़ी देते रहते हैं। अत: हम पौधो का कर्ज कभी नहीं चुका सकते। शारीरिक शिक्षक कैलाश जैन ने इस अवसर पर कहा कि वृक्ष भूमि को बंजर होने से रोकते है तथा मृदा संरक्षण का कार्य भी करते हैं। तकनीकी सहायक डॉ. रमेशकुमार डामोर ने बताया कि पौधरोपण से पर्यावरण संतुलन बना रहता है। पेड़ों से कई प्रकार की जड़ी-बूटियां तैयार की जाती हैं। इस अवसर पर सरपंच समरथ मीणा, वार्ड पंच बसंतीबाई, पंचायत सहायक ज्योति शर्मा एवं ओम प्रकाश ने भी अपने विचार व्यक्त किए। ====





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