हाइलाइट्स:

  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर शुरू करेंगे जनता दरबार
  • बिहार में एनडीए की सरकार गिराने की तैयारी कर रहे हैं तेजस्वी यादव
  • पिता लालू प्रसाद यादव से मिल रहे टिप्स पर चल रहे राजनीतिक चाल
  • बिहार में शुरू हो गया है मौकापरस्त नेताओं का दल बदल का खेल

पटना।
एक तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से जनता दरबार की शुरुआत करने वाले हैं। दूसरी तरफ नेता प्रतिपक्ष और लालू यादव के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव बिहार में एनडीए की सरकार गिराने की तैयारी कर रहे हैं। बिहार की सत्ता हथियाने के लिए अपने पिता लालू प्रसाद यादव से मिल रहे टिप्स पर राजनीतिक चाल चल रहे तेजस्वी यादव कितने सफल होंगे या तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन यह सच है की पूर्ण बहुमत की सरकार रहने के बावजूद बिहार की राजनीति छह महीने के अंदर ही गरमा चुकी है।

लोजपा और जेडीयू घूमने के बाद महेश्वर सिंह ने थामा लालटेन
बिहार के पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक महेश्वर सिंह ने शनिवार को आरजेडी का दामन थाम लिया। बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर हुए मिलन समारोह के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उन्हें आरजेडी की सदस्यता दिलाई। आपको बता दें कि महेश्वर सिंह ने 2010 के विधानसभा चुनाव में समता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था। इसके पहले 2005 में उन्होंने रामविलास पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी से हरसिद्धि विधानसभा क्षेत्र से ही जीत हासिल की थी। आपको यह भी बता दे कि महेश्वर सिंह नीतीश सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं। शनिवार को आरजेडी का दामन थामने वाले महेश्वर सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार चलाने में फेल हो चुके हैं और बिहार के लिए तेजस्वी यादव से बेहतर विकल्प कोई नहीं है।

जेडीयू नेता मंजीत सिंह ने भी विद्रोह का फूंका था बिगुल
दरअसल शनिवार को महेश्वर सिंह के साथ जेडीयू नेता मंजीत सिंह भी आरजेडी में शामिल होने वाले थे। लेकिन उनके आरजेडी में शामिल होने का ऐलान करने की बात सुन नीतीश कुमार के राजनीतिक सिपाहियों ने, जिसमें मंत्री लेसी सिंह, पूर्व मंत्री और जदयू के कई बड़े नेता शामिल थे। उन लोगों ने गोपालगंज पहुंचकर मंजीत सिंह को इस बात के लिए राजी कर लिया कि वह आरजेडी में शामिल नहीं होंगे। उन्हें मनाने के बाद जदयू नेता उन्हें अपने साथ पटना ले आए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात भी करवाई। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद मंजीत सिंह के तेवर नरम पड़ गए हैं।

हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता धीरेंद्र सिंह मुन्ना ने निकले मांझी के कड़ाही से, देंगे चिराग पासवान का साथ
शनिवार को ही हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र सिंह मुन्ना ने भी पार्टी को टाटा बाय – बाय कर दिया है। उन्होंने आज प्रेस रिलीज जारी कर कहा कि वह हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे चुके हैं। हालांकि उन्होंने जीतन राम मांझी को पिता तुल्य बताते हुए उन्हे गरीबों के लिए काम करने वाला नेता बताया है। हम पार्टी को छोड़ने के बाद धीरेंद्र सिंह मुन्ना ने कहा कि बिहार के मौजूदा हालात में बिहार के हक के लिए लड़ते हुए उन्हे सिर्फ एक ही नेता दिखाई दे रहे हैं वह है ‘ चिराग पासवान ‘।

उन्होंने कहा कि वह बिहार को फर्स्ट बनाने के लिए चिराग पासवान के साथ जा रहे हैं। धीरेंद्र सिंह मुन्ना ने यह भी कहा कि बिहार की कई पार्टियां चिराग पासवान का पोलिटिकल कैरियर खत्म करना चाहती है लेकिन वह ऐसा होने नहीं देंगे। इधर एलजेपी के चिराग पासवान खेमे की ओर से यह खबर फैलाई जा रही है कि चिराग का विरोध करने के कारण खगड़िया सांसद महबूब अली कैसर का उनके ही क्षेत्र में विरोध हो रहा है।



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