गोरखपुर
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी पांचवें आरोपी हेड कॉन्स्टेबल कमलेश यादव को भी कैंट पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वह बुधवार को कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। मुखबिर की सूचना पर कैंट इन्स्पेक्टर की टीम ने दिन में करीब 1:05 बजे कचहरी गेट के पास से पकड़ लिया। कैंट पुलिस ने आरोपी हेड कॉन्स्टेबल को एसआईटी को सौंप दिया है। एसआईटी पूछताछ कर रही है। इस मामले में अभी दरोगा विजय यादव फरार है। इससे पहले पुलिस चार अन्य आरोपी पुलिसवालों को भी गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।

कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की गोरखपुर के रामगढ़ताल इलाके में स्थित कृष्णा होटल में पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। मनीष गुप्ता के साथ कमरे में ठहरे दोस्त गुरुग्राम के हरबीर और प्रदीप ने पुलिस की पिटाई से मौत का आरोप लगाया था। मनीष की पत्नी मीनाक्षी ने इस मामले में 6 पुलिसवालों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया था। मीनाक्षी की तहरीर पर रामगढ़ताल थाना में तैनात अमेठी जिले के मुसाफिरखाना निवासी तत्कालीन इंस्पेक्टर जगत नारायण उर्फ जेएन सिंह, बलिया जिले के नरही निवासी एसआई अक्षय कुमार मिश्रा, जौनपुर जिले के बक्सा निवासी एसआई विजय यादव को नामजद और तीन अज्ञात पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। मीनाक्षी की मांग पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT कानपुर को विवेचना ट्रांसफर कर दिया था। वहीं CBI जांच की भी सिफारिश की है।

कानपुर के अडिशनल पुलिस कमिश्नर और SIT चीफ आनंद प्रकाश तिवारी के नेतृत्व में 2 अक्टूबर से गोरखपुर में डेरा डालकर SIT केस की विवेचना कर रही है। विवेचना के आधार पर इंस्पेक्टर के साथ होटल गए तीन और पुलिसकर्मियों मिर्जापुर जिले के कोतवाली देहात निवासी उपनिरीक्षक राहुल दुबे, गाजीपुर जिले के थाना परिसर निवासी हेड कॉन्स्टेबल कमलेश सिंह यादव और गाजीपुर के सैदपुर निवासी कॉन्स्टेबल प्रशांत कुमार को भी एसआईटी ने नामजद किया। सभी आरोपियों के ऊपर पहले 25 हजार और फिर एक-एक लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके साथ ही उनके ऊपर हत्या के अलावा साक्ष्य छिपाने की धारा भी बढ़ाई गई।

इंस्पेक्टर कैंट सुधीर सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने बुधवार को गाजीपुर जिले के निवासी हेड कॉन्स्टेबल कमलेश सिंह यादव को पकड़ लिया। कमलेश सिंह यादव कोर्ट में सरेंडर करने जा रहा था। अब इस मामले में सिर्फ जैनपुर जिले के बक्सा निवासी एसआई विजय यादव फरार है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक एक-दो दिन में इन्हें भी पकड़ लिया जाएगा।

गिरफ्तार किया गया कॉन्स्टेबल



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