चित्तौडग़ढ़. जिले की सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के लिए अब कम्प्ूयटर का ज्ञान प्राप्त करना काफी आसान हो जाएगा। अब बच्चों को कम्प्यूटर का ज्ञान के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। प्रदेश में करीब १५ हजार सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी विद्यालय है। इनमें से सरकार ने प्रदेश में छह चरणों में १३ वर्ष में ११ हजार १५४ सरकारी विद्यालयों में कम्प्ूयटर लेब स्वीकृत हो चुकी है

चित्तौडग़ढ़. जिले की सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के लिए अब कम्प्ूयटर का ज्ञान प्राप्त करना काफी आसान हो जाएगा। अब बच्चों को कम्प्यूटर का ज्ञान के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा। प्रदेश में करीब १५ हजार सैकेण्डरी एवं सीनियर सैकेण्डरी विद्यालय है। इनमें से सरकार ने प्रदेश में छह चरणों में १३ वर्ष में ११ हजार १५४ सरकारी विद्यालयों में कम्प्ूयटर लेब स्वीकृत हो चुकी है। इसके बाद अब सरकारी विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षा को सम्बल मिलेगा। इसको लेकर प्रदेश की विद्यालयों में तैयारियां शुरू हो गई है।
प्रदेश में कम्प्ूयटर शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वर्ष २००८ में सरकारी सैकेण्डरी एवं हायर सैकेण्डरी विद्यालयों में कम्प्यूटर लेब स्थापित करने का क्रम शुरू किया। पिछले १३ सालों में करीब छह चरणों में प्रदेश के अलग-अलग विद्यालयों में कम्प्यूटर लेब स्वीकृति का क्रम शुरू किया। अब तक हुए ६-७ चरणों में करीब १११५४ विद्यालयों में कम्प्यूटर लेब स्वीकृत की है।

चित्तौडग़ढ़ में सभी विद्यालयों में होगी लेब
चित्तौडग़ढ़ में बग सभी विद्यालयों में कम्प्यूटर लेब होगी। हाल ही में सरकार ने जनसहभागिता डीएमएफटी योजना में १९५ कम्प्यूटर लेब की स्वीकृति दी है। इनके शुरू होने के बाद जिले की सभी सैकेण्डरी एवं हायर सैकेण्डरी स्कूल में कम्प्यूटर शिक्षा के लिए लेब शुरू हो जाएगी। जिले में करीब ३९२ विद्यालय है इनमें से १९७ में पहले से कम्प्यूटर लेब संचालित हो रही थी अब १९५ में और लेब स्वीकृत हो गई है। अभी जो लेब स्ीकृत हुइ्र है इसमें २५ प्रतिशत राशि डीएमएफटी एवं ७५ प्रतिशत राशि राज्य सरकार देगी। १९५ में से १०३ की प्रशासनिक स्वीकृति जिला कलक्टर ताराचंद मीणा ने जारी कर दी गई है। अब राज्य सरकार से इसकी वित्तीय स्वीकृति आना शेष है। इन लेचाबे की स्थापना में जिले में ३ करोड १२ लाख ९ हजार खर्च होंगे। इनमें से डीएमटी से ७८ लाख २ हजार २५० रुपए दिए जाएंगे।

डिजिटल ज्ञान की होगी अभिवृद्धि
विद्यालयों में कम्प्यूटर लेब स्थापित होने से छात्रों को डिजिटल ज्ञान की अभिवृद्धि होगी। वहीं बच्चों को किसी भी विषय के बारे में आसानी से समझाया जा सकता है। विज्ञान एवं भूगोल विषय के छात्रों को प्रायोगिक तौर पर भी किसी भी तरह की जिज्ञासा को आसानी से शांत किया जा सकता है।

प्रदेश में इस तरह स्वीकृत हुई कम्प्यूटर लेब
प्रथम चरण में २५००
द्वितीय चरण में २०००
तृतीय चरण में २०००
चतुर्थ चरण ०५२५
पांचवा चरण ०३०३
छठा चरण २२३९
सातवां चरण ४१७
२५/७५ योजना ११७०

इनका कहना है…
प्रदेश में पिछले १३ सालों में १११५४ कम्प्यूटर लेब स्वीकृत हुई है। चित्तौडग़ढ़ जिले में करीब सभी स्कूलों में अब लेब हो जाएगी। इससे बच्चों को डिजिटल ज्ञान देने में खासी आसानी होगी। प्रदेश में करीब १५ हजार सरकारी विद्याललय है।
प्रमोद दशोरा, जिला अतिरिक्त परियोजना समन्वयक, समसा चित्तौडग़ढ़





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