हाइलाइट्स

  • बिहार में फिर बढ़े कोरोना के मामले, बुधवार को 88 नए केस
  • सोमवार को आए थे 54 नए केस, मंगलवार को बढ़कर हुए थे 82 मामले
  • बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान 129 मरीज हुए ठीक
  • प्रदेश में रिकवरी रेट बुधवार को 98.59 फीसदी रहा

पटना
बिहार में कोरोना के मामले (Bihar Coronavirus Cases) में एक बार फिर से बढ़ते लगे हैं। बुधवार को 88 नए पॉजिटिव केस सामने आए हैं। इस दौरान तीन मरीजों की मौत इस महामारी से हुई है। ये आंकड़ें इसलिए चौंकाने वाले हैं क्योंकि सोमवार को सूबे में 54 केस सामने आए थे जो मंगलवार को बढ़कर 82 पहुंच गए। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह तक सक्रिय कोविड केस के मामले में बिहार देश में सातवें स्थान पर था।

बुधवार को ठीक हुए 129 मरीज, रिकवरी रेट 98.59 फीसदी
बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान 129 मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक हुए हैं। अभी सूबे में 589 एक्टिव केस हैं। नए पॉजिटिव केस और डिस्चार्ज किए गए मरीजों के आंकड़ों के मुताबिक, बिहार की रिकवरी रेट 98.59 फीसदी हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत 97.36 फीसदी से 1.23 फीसदी ज्यादा है।

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पटना में सबसे ज्यादा एक्टिव केस, जानिए अन्य जिलों का हाल
राज्य स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पटना में सबसे ज्यादा 11 नए मरीज सामने आए, इसके बाद कटिहार (8) और खगड़िया (7) का स्थान रहा। इस प्रकार, पटना राज्य का एकमात्र जिला था जहां दो अंकों में नए कोविड के मामले थे। पिछले 24 घंटों में 10 जिलों ने एक भी नए कोविड केस सामने नहीं आए, वहीं आठ जिलों में एक-एक मामला सामने आया। पटना में बुधवार को सबसे अधिक 93 एक्टिव केस थे, इसके बाद पूर्वी चंपारण (51) और भागलपुर (31) हैं। बुधवार को बक्सर में एक भी एक्टिव केस नहीं था।

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बिहार में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं: स्वास्थ्य मंत्री
केंद्र की ओर से संसद में बताया गया कि कोविड -19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में ऑक्सिजन की कमी के कारण कोई मौत नहीं हुई। इस बीच राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बिहार के बारे में भी इसी तरह के दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के पीक पर होने के दौरान कुछ मरीजों को ऑक्सिजन की उपलब्धता में देरी हुई, लेकिन इसकी कमी से कोई हताहत नहीं हुई। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि हमने सरकारी और निजी अस्पतालों में सभी मरीजों को ऑक्सिजन उपलब्ध कराई। दूसरी लहर के चरम पर रहने के दौरान 232 मीट्रिक टन तक मेडिकल ऑक्सिजन उपलब्ध कराया, जो सामान्य स्थिति से 14 गुना अधिक थी।



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