Nagaur. नवरात्रि के सातवें दिन मंदिरों में देवी कालरात्रि के स्वरूप के दर्शन किए

नागौर. नवरात्रि के सातवें दिन मंदिरों में देवी कालरात्रि के स्वरूप के दर्शन किए। श्रद्धालुओं ने मां कालरात्रि को नारियल, चुनरी आदि अर्पित कर कुशल मंगल की कामना की। सुबह से मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ रही। मंदिर परिसर में चल रहे हवन, चण्डीजाप, दुर्गासप्तशती पाठ आदि होता रहा। इसी क्रम में बख्तासागर स्थित ससवाणी मंदिर में मां को 56 भोग का प्रसाद अर्पित किया। इस दौरान विविध कार्यक्रम भी हुए। इसमें उपाध्यक्ष पिस्ता दूगड़ कोषाध्यक्ष संगीता सुराणा एवं सदस्य सीमा सुराणा सरिता सुराणा राजू सुराणा कंचन सुराणा ममता सुराणा मंजू सुराणा रसीला सुराणा सुमन सुराणा कमला सुराणा पुष्पा दूगड़ शकुंतला सुराणा सरला दूगड़ कांता दूगड़ साधना सुराणा एवं मीनाक्षी जैन उपस्थित थे। देवी कालात्रि को ही भैरवी, रुद्रानी, चामुंडा, चंडी, रौद्री और धुमोरना भी कहा जाता है। कालरात्रि अगर सुप्त हों, तो जीवन में ढेरों नए उपद्रव उत्पन्न होते हैं। अनेकानेक महामारियों का प्राकट्य, भौतिक समृद्धि का अभाव, वैचारिक दरिद्रय और अनेकानेक संकटों का कारण देह में अजागृत कालरात्रि हैं। कालरात्रि का बोध और जागरण कलयुग में भी सतयुग जैसी परिस्थितियों का कारक बनता है। समस्त विकार, अकाल और नकारात्मक ऊर्जाएं अंतर्मन में कालरात्रि के प्राकट्य से पलायित हो जाते हैं। देवी कालरात्रि का अर्थ आद्या महाशक्ति नहीं है, बल्कि कालरात्रि अध्र्य चेतना से प्रकट परंतु पृथक ऊर्जा है।
पोषाहार नहीं देने का लगा आरोप, हुआ वितरण
-आईसीडीएस की ओर से महिला पर्यवेक्षक की देखरेख में कराया पोषाहार का वितरण
नागौर. शहर के हाउसिंग बोर्ड स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र में पोषाहार वितरण को लेकर विवाद हो गया। केन्द्र पर आए लोगों का कहना था कि उनको पोषाहार काफी समय से नहीं मिल रहा है। जानकारी मिलने पर आईसीडीएस की ओर से महिला पर्यवेक्षक को भेजकर प्रकरण की वस्तुस्थिति देखवाने के बाद लाभार्थियों को मौके पर ही वितरण कराया गया। मिली जानकारी के अनुसार दोपहर में करीब साढ़े 11 बजे कुछ महिलाएं आंगनबाड़ी केन्द्र पहुंची, लेकिन उनको पोषाहार नहीं मिला। इस पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सुमन से विवाद हो गया। महिलाओं में सोनू व गुडी ने आरोप लगाया कि उनको कई दिनों से लौटाया जा रहा है। इस पर सीडीपीओ दुर्गासिंह उदावत की ओर से मौके पर पर्यवेक्षक को भेजा गया। आईसीडीएस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद पता चला कि कार्यकर्ता सुमन की ओर से कहा जा रहा था कि पोषाहार लाभार्थियों को ही मिलेगा। लाभार्थी अपने आधार कार्ड आदि खुद लेकर आए। इसका लोगों ने विरोध किया तो इसी को लेकर विवाद हो गया। बाद में पोषाहार आईसीडीएस महिला पर्यवेक्षक की देखरेख में वितरण कराया गया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इस संबंध में सीडीपीओ दुर्गासिंह उदावत ने बताया कि कार्यकर्ता की ओर से लाभार्थियों को खुद आने के लिए कहा जा रहा था। इसी बात पर लोग नाराज हो गए थे।





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