हाइलाइट्स

  • पेगासस फेन टेपिंग मामले पर गरमाई एमपी की राजनीति
  • दिग्विजय सिंह ने बीजेपी सरकार पर लगाए आरोप
  • 2010 में यूपीए सरकार पर लगे थे धिग्विजय के फोन टेप करने के आरोप

भोपाल
पेगासस फोन टेपिंग मामले से मध्य प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। प्रदेश के दो पूर्व मुख्यमंत्रियों दिग्विजय सिंह और कमलनाथ ने इसको लेकर बीजेपी पर निशाना साधा तो उनका जवाब देने के लिए मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद मैदान में उतर आए हैं। शिवराज ने कहा है कि बीजेपी सरकार राहुल गांधी का फोन भला क्यों टेप कराएगी। राहुल तो आलू से सोना उगाने जैसी बातें करते हैं। शिवराज ने यह दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के नेता खुद ही एक-दूसरे का फोन टेप करवाते हैं।

कांग्रेस की ओर से शिवराज के बयान पर खास प्रतिक्रिया अब तक नहीं आई, लेकिन सच्चाई यही है कि साल 2010 में यूपीए-2 के शासनकाल में खुद दिग्विजय सिंह के फोन टेप किए जाने का मामला जोर-शोर से उछला था। ताज्जुब यह कि मामला सामने आने पर दिग्विजय ने मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार द्वारा फोन टेप किए जाने से इनकार किया था।

2010 में जब यह मामला उछला था तब दिग्विजय के साथ यूपीए के सहयोगी दलों और कुछ विपक्षी नेताओं के फोन टेप करने के आरोप केंद्र सरकार पर लगे थे। इनमें तत्कालीन केंद्रीय कृषि मंत्री और एनसीपी के मुखिया शरद पवार, सीपीएम के प्रकाश करात और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नाम शामिल थे।

एक मैग्जीन में छपी खबर के मुताबिक 2008 में अमेरिका के साथ न्यूक्लियर डील पर लोकसभा में वोटिंग से पहले विपक्षी नेताओं की फोन टेपिंग हुई थी। शरद पवार और उस समय आईपीएल कमिश्नर रहे ललित मोदी की बातचीत टेप की गई थी। कहा जाता है कि बाद में इसी रेकॉर्डिंग के जरिए ललित मोदी को पद छोड़ने के लिए राजी किया गया था। नीतीश कुमार की एक पार्टी सहयोगी के साथ बातचीत रेकॉर्ड की गई थी, जिसमें वे कथित रूप से केंद्र सरकार से बिहार को ज्यादा फंड दिए जाने की चर्चा कर रहे थे।

दिग्विजय सिंह की फोन टेपिंग कांग्रेस कार्यसमिति के सदस्यों के चुनाव से संबंधित बताई गई थी। जानकारी के मुताबिक दिग्विजय की पंजाब के एक कांग्रेसी नेता के साथ हुई बातचीत को रेकॉर्ड किया गया था। हालांकि, मामला सामने आने पर दिग्विजय ने केंद्र सरकार पर लग रहे आरोपों से बचाव किया था। दिग्विजय ने कहा था कि मनमोहन सिंह की सरकार शुचिता का पालन करती है। वो भला उनका फोन क्यों टेप कराएगी। उन्होंने मामले की जांच की मांग करते हुए उल्टे मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार पर उनके फोन टेप करने का आरोप लगाया था।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed