हाइलाइट्स

  • ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में हुए अहम फैसले
  • आठ नए औद्योगिक सेक्टरों को दी गई मंजूरी
  • बिल्डरों को भी अधूरे प्रॉजेक्ट पूरे करने के लिए दिया गया 31 दिसंबर तक की डेडलाइन
  • सेक्टर ईकोटेक 12 में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर बनाने का फैसला

नोएडा
यूपी में ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी की बोर्ड बैठक में आठ नए औद्योगिक सेक्टर को मंजूरी दे दी गई। फ्लैट खरीदारों को घर दिलाने के लिए अधूरे प्रॉजेक्टों का निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा भी बढ़ाकर 31 दिसंबर 2021 कर दी गई है। इससे 1 लाख से अधिक खरीदारों को राहत मिलेगी।

बोर्ड की बैठक में ग्रेनो के विकास के 11 प्रस्ताव चर्चा के बाद मंजूर कर दिए गए। बैठक प्राधिकरण के चेयरमैन संजीव मित्तल की अध्यक्षता में हुई। इस बैठक में औद्योगिक विकास विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण, नोएडा प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी, यीडा के सीईओ डॉ. अरुणवीर सिंह, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ दीपचंद्र व एसीईओ अमनदीप डुली व शासन से अन्य अधिकारी व प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बोर्ड बैठक में फ्लैट खरीदारों को घर दिलाने के लिए ग्रेनो अथॉरिटी बोर्ड ने एक अहम फैसला लिया। बिल्डर परियोजनाओं को पूर्ण करने और फ्लैट खरीदारों को राहत देने के लिए शासन के निर्देश पर ग्रेनो प्राधिकरण ने अधूरे प्रॉजेक्टों का निर्माण कार्य पूरा करने की समय सीमा (टाइम एक्सटेंशन) जून 2021 तय की थी।

ये भी हुए फैसले
1. बिल्डर ग्रुप हाउसिंग, वाणिज्यिक और आईटी प्रॉजेक्ट के देय धनराशि की वसूली के लिए एस्क्रो खाता खोलने का नियम भी बदला गया। अब तक प्राधिकरण और आवंटी के मध्य एस्क्रो खाता खोला जाता है। अब इसमें बैंकों को भी शामिल किया गया है। इस फैसले से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का पैसा समय से मिलता रहेगा और निवेशकों का पैसा भी नहीं फंसेगा। एस्क्रो अकाउंट वह होता है जो तीसरे पक्ष के फंडिंग माध्यम के रूप में कार्य करता है। इस खाते में किसी बिल्डर को हस्तांतरित धन (घर खरीदार द्वारा) प्राप्त होता है। एक बार एस्क्रो अनुबंध होने पर यदि बिल्डर समझौते को पूरा नहीं करता तो फंड को घर खरीदार को लौटा दिया जाता है।

2. बीपीओ/ कॉल सेंटर के आवंटियों की सुविधा के लिए लीज डीड कराने की समयसीमा 31 मार्च, 2022 तक बढ़ा दी गई है। उत्तर प्रदेश डाटा सेंटर नियमावली 2021 को प्राधिकरण बोर्ड द्वारा अंगीकृत एडॉप्ट) करने की भी अनुमति दे दी गई है।

3. सेक्टर ईकोटेक-12 में मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी सेंटर (एमआरएफ) स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस सेंटर से ग्रेटर नोएडा शहर से निकलने वाले सूखे कूड़ा का निस्तारण हो सकेगा।

4. तीन फुटओवर ब्रिज बीओटी (बिल्ड ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के आधार पर बनेंगे। ये एफओबी कैलाश अस्पताल के सामने, गामा शॉपिंग मॉल के सामने, कलेक्ट्रेट ऑफिस के सामने बनाए जाएंगे। इसमें आधुनिक सुविधाओं के साथ ही लिफ्ट की सुविधा भी मिलेगी।

5. 6 नए बिजलीघर बनाने के लिए बोर्ड ने मंजूरी प्रदान कर दी है। ये सभी बिजलीघर गैस इंसुलेटेड सिस्टम पर आधारित होंगे। से सबस्टेशन जलपुरा, नॉलेज पार्क-5, ईकोटेक -8, ईकोटेक 10/11, मेट्रो डिपो और अमरपुर में बनने प्रस्तावित है।

ग्रेटर नोएडा अथॉरिटी



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