हाइलाइट्स:

  • गाजियाबाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोरोना की दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं छोड़ना चाहता है
  • इसके लिए अभी से ही पूरी तैयारी कर ली गई हैं। जल्द ही बच्चों के नए अस्पताल निर्धारित किए जा रहे हैं
  • बच्चों का इलाज किए जाने के लिए स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञ और एमबीबीएस चिकित्सकों से वार्ता चल रही है
  • NUHM की ओर से अनुबंध किए गए चिकित्सकों को ₹80 हजार प्रति माह वेतन दिया जाएगा।

तेजेश चौहान, गाजियाबाद
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में कोरोना की दूसरी लहर आने के बाद काफी नुकसान हुआ है। इसका बड़ा कारण जिले में आधी अधूरी तैयारी माना जा रहा है। लेकिन अब तीसरी लहर की आशंका के चलते संक्रमण से निपटने के लिए शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिसके तहत स्वास्थ्य विभाग ने स्थानीय स्तर पर बाल रोग विशेषज्ञों और एमबीबीएस चिकित्सकों से अनुबंध किया जा रहा है। इनमे से अधिकांश चिकित्सकों की नियुक्ति बच्चों के अस्पताल में की जाएगी। अनुबंध में उनका वेतन भी तय किया जा रहा है। इसके लिए राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन योजना (एनयूएचएम) के तहत बाल रोग विशेषज्ञों को अनुबंधित करने के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है।

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की योजना तैयार
गाजियाबाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग कोरोना की दूसरी लहर की तरह तीसरी लहर में किसी तरह की कोई लापरवाही नहीं छोड़ना चाहता है। इसके लिए अभी से ही पूरी तैयारी कर ली गई है। जल्द ही बच्चों के नए अस्पताल निर्धारित किए जा रहे हैं और उनमें बच्चों का इलाज किए जाने के लिए स्थानीय बाल रोग विशेषज्ञ और एमबीबीएस चिकित्सकों से वार्ता चल रही है। बच्चों के नए अस्पताल में इलाज करने वाले चिकित्सकों के साथ एक अनुबंध किया जा रहा है। फिलहाल जिले में 10 बाल रोग विशेषज्ञ है। जिनके स्वास्थ्य विभाग अनुबंध करने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा कई एमबीबीएस चिकित्सक भी इस योजना के तहत बच्चों के नए अस्पताल में तैनात रहेंगे। ताकि तीसरी लहर की चपेट में आने वाले बच्चों का पूर्ण रूप से इलाज किया जा सके।

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बाल रोग विशेषज्ञों को किया जा रहा नियुक्त
मुख्य चिकित्सा अधिकारी नरेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि तीसरी लहर की चपेट में बच्चे आते हैं तो उनके उपचार के लिए जिले के अस्पतालों में व्यवस्था की जा रही है। इसके तहत राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन योजना (NHUM) के तहत बाल रोग विशेषज्ञों को अनुबंधित करने के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है। जिसके तहत एमबीबीएस चिकित्सक और बाल रोग विशेषज्ञ से अनुबंध किया जाएगा। इसके लिए चिकित्सकों के इंटरव्यू करने वाली एक विशेष कमेटी भी बनाई गई है। इस पर जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

80 हजार रुपये मिलेगा वेतन

एनयूएचएम की ओर से अनुबंध किए गए चिकित्सकों को ₹80 हजार प्रति माह वेतन दिया जाएगा। इनमें से अधिकांश को बच्चों के नए अस्पताल में नियुक्त किया जाएगा। उन्होंने बताया इस योजना के तहत जून के आखिर तक बच्चों के अस्पताल और स्टाफ से संबंधित सभी तैयारी पूरी कर ली जाएंगी। ताकि कोरोना की तीसरी लहर से निपटा जा सके।

Ghaziabad News: कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी तेज, बाल रोग विशेषज्ञों के साथ किया जा रहा अनुबंध

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