मधुबनी
बिहार में कोरोना की रफ्तार लगातार थमती दिख रही है, नए पॉजिटिव केस में कमी आ रही है। बुधवार को सूबे में कोरोना के 1,158 नए मामले सामने आए। 38 में से 37 जिलों में 100 से कम नए संक्रमित मिले। इस दौरान 59 मरीजों की मौत कोरोना संक्रमण से हुई। वहीं अब कोरोना की दूसरी लहर के बाद तीसरी लहर को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से खास तैयारी की जा रही है। इस बीच मधुबनी में युवाओं के एक समूह ने आईआईटी से जुड़े लोगों की मदद से कोविड केयर को लेकर मोर्चा संभाला है। ये ग्रुप क्राउड सोर्सिंग नेटवर्क के जरिए इस महामारी से निपटने की कवायद में जुटा है।

बढ़ा कोरोना तो कैसे युवाओं के समूह ने संभाला मोर्चा
मधुबनी में कोरोना के कहर का हाल क्या था ये सरिसाब पाही (पश्चिम) पंचायत के मुखिया राम बहादुर चौधरी ने बताया। उन्होंने कहा कि जब नबटोले गांव में एक परिवार के तीन लोगों की मौत हुई, तो हमने महसूस किया कि मौत हर दरवाजे पर दस्तक दे रही है। फिर हमारे इलाके के कुछ पत्रकारों ने मुंबई में संजय झा से संपर्क किया। आईआईटी-खड़गपुर के पूर्व छात्र, संजय झा भी मधुबनी और दरभंगा में अपने रिश्तेदारों को लेकर चिंतित थे। संजय झा, भारत के सबसे बड़े आयातक और मेडिकल उपकरणों के वितरक में से एक, मुंबई के कोलेटरल मेडिकल के निदेशक हैं। उन्होंने फोन पर बताया कि मधुबनी में मेरी बहन कोरोना से संक्रमित हो गई तो मुझे पता चला कि स्थानीय बाजार में एक ऑक्सिमीटर भी नहीं मिल रहा।

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इस तरह से आईआईटी के छात्रों ने बढ़ाए मदद के हाथ…और
संजय झा ने कहा कि इस जानकारी के बाद मुझे यहां के लोगों से जुड़ने की आवश्यकता महसूस हुई। सौभाग्य से, दोस्तों और रिश्तेदारों ने मुझे सरिसाब-पाही में अयाची नगर युवा संगठन के बारे में बताया। इसके बाद इस काम में जुटे समर्पित युवाओं के एक समूह की पहचान की गई और मैंने तुरंत अपने आईआईटियन दोस्तों से संपर्क किया। इसमें इनसीड बिजनेस स्कूल (फ्रांस) के पूर्व छात्र भी शामिल थे। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, सिंगापुर और दुबई में रहने वाले दोस्तों ने भी इसमें हिस्सा लिया। इसमें कई नॉन रेजिडेंट बिहार के लोग भी शामिल हुए।

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युवाओं की टीम ने संभाला मोर्चा तो घटे कोरोना के मामले
24 साल के विक्की मंडल उन युवाओं में से एक हैं जो जागरूकता, शिक्षा, वृक्षारोपण और रक्तदान अभियान चला रहे थे। इस दौरान कई अनिवासी ग्रामीणों ने भी कोविड मरीजों की मेडिकल सहायता करने में हमारी मदद की और पैसे दान किए। जिसके जरिए हमने दरभंगा और मधुबनी अस्पतालों में मरीजों के लिए एम्बुलेंस, अस्पताल में बेड, ऑक्सिजन सिलेंडर और खून की व्यवस्था की। इस बीच संजय झा ने इलाके में चार ऑक्सिजन सांद्रता, 20 थर्मल स्कैनर, 30 ऑक्सिमीटर, 20 पीपीई किट और 30 सैनिटाइजर की बोतलें उपलब्ध कराईं। विक्की मंडल ने बुधवार को बताया कि हमने आज ऑक्सिजन सिलेंडर के साथ चार बेड की सुविधा स्थापित की है। जिसके बारे में संजय झा हमारे वालंटियर्स को इसके संचालन को लेकर प्रशिक्षित करेंगे।

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तीसरी लहर को लेकर की गई है खास तैयारी
सरिसाब पाही (पश्चिम) पंचायत के मुखिया राम बहादुर चौधरी ने बताया कि इलाके के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में आयुष्मान भारत योजना के शुभारंभ पर पेंट किया गया था, हालांकि, बनने के बाद भी इसमें ताला लगा हुआ था। कई साल के बाद, आखिरकार मार्च में यहां एक डॉक्टर को तैनात किया गया। लेकिन एक पखवाड़े में उन्हें 30 किमी दूर रामपट्टी के कोविड केयर सेंटर में स्थानांतरित कर दिया गया। ग्राम प्रधान चौधरी ने कहा कि युवा वॉलंटियर्स ने कोरोना से जंग में बड़ा सहयोग किया, अगर महामारी की तीसरी लहर आती है, तो हमारे युवा वॉलंटियर्स फिर से इसका मुकाबला करने में आगे आएंगे।



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