हाइलाइट्स

  • क्या पटना के सीरियल ब्लास्ट में भी हो सकता है आतंकी अशरफ का हाथ ?
  • 30 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इलाके से पलायन कर रहे गैर मुस्लिम : बचोल
  • बांग्लादेश और पाकिस्तान को जोड़ने के लिए मुस्लिम पट्टी की जा रही तैयार
  • देश में मुस्लिम स्लीपर सेल को एक्टिव कर रहा था अली अहमद नूरी : हरेंद्र प्रताप

पटना।
बिहार का सीमांचल इलाका एक बार फिर से सुर्खियों में है। दिल्ली में स्लीपर सेल तैयार कर रहे पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ का बिहार कनेक्शन भी सामने आ चुका है। बीजेपी विधायक ने आशंका व्यक्त करते हुए कहा कि दिल्ली में गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी ने बंगाल और बांग्लादेश के बॉर्डर से लगे किशनगंज जमीन खरीदा है या नही इसकी जांच भी होनी चाहिए।

त्योहारों के सीजन में आतंकी संगठन भी अपने स्लीपर सेल को एक्टिव करने लगते हैं। आतंकियों का नापाक मंसूबा कामयाब न हो इसके लिए देश की खुफिया ऐजेंसी भी एक्टिव है। इसी का नतीजा है कि 16 साल से भारत में रहकर आतंकियों की जड़े मजबूत करने वाला पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ हथियारों के साथ पकड़ा गया। अब खुफिया विभाग की नजर उसके द्वारा तैयार की गई स्लीपर सेल पर हैं ताकि वे अपने मंसूबे में कामयाब न हो सके।

14 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया दिल्ली से गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अशरफ आतंकी ने सबसे पहले बिहार के किशनगंज से ही अपना फर्जी पहचान पत्र बनवाया था। पाकिस्तान की खुफिया ऐजेंसी ISI द्वारा भारत में भीड़भाड़ वाली जगह पर हमले के लिए तैयार कराया गया आतंकी मोहम्मद अशरफ पिछले कई साल से देश में स्लीपर सेल खड़ा कर रहा था। बताया जाता है कि बिहार के सीमांचल इलाके में भी उसने अपना बड़ा नेटवर्क तैयार कर लिया है।

पटना के सीरियल ब्लास्ट में भी हो सकता है अशरफ का हाथ ?


मधुबनी जिले के बिस्फी से बीजेपी विधायक हरिभूषण ठाकुर बचोल ने दिल्ली में पकडा गया पाकिस्तानी आतंकी का बिहार कनेक्शन सामने आने पर, केंद्र और बिहार सरकार से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है। बीजेपी विधायक बचोल ने कहा कि जब पाकिस्तानी आतंकवादी अशरफ पिछले 16 साल से भारत में रह रहा था तो निश्चित तौर पर 2013 में नरेंद्र मोदी की पटना रैली में हुए सीरियल ब्लास्ट में भी उसका हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी को इस एंगल पर भी जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इसकी संभवना इसलिए है कि, नरेंद्र मोदी की रैली में भी आतंकियों ने बिहार और झारखंड के स्लीपर सेल का इस्तेमाल किया था।

उन्होंने यह भी कहा कि सीमांचल के इलाका के साथ-साथ जहां भी मुस्लिम की आबादी 30 फ़ीसदी से ज्यादा हो गई है वहां गैर मुस्लिमों के साथ इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है कि वह खुद ही वहां से पलायन कर जाएं। बीजेपी विधायक ने यहां तक कहा कि बिहार सरकार को गंभीरता पूर्वक पकड़े गए आतंकी का किशनगंज कनेक्शन और उसके द्वारा किशनगंज में जमीन खरीदी गई है या नहीं इसकी जांच भी करनी चाहिए।

बिहार सरकार के मंत्री ने भी कही है घुसपैठ की बात
नीतीश के मंत्री रामसूरत राय ने कहा कि पूर्णिया, अररिया और भागलपुर दौरा के दौरान स्थानीय लोगों ने उन्हें जानकारी दी है कि उनके इलाके में एक विशेष समुदाय के स्थानीय लोगों द्वारा बाहरी लोगों का घुसपैठ कराया जा रहा है। मंत्री ने बताया कि स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि घुसपैठियों द्वारा विदेशी पैसे का इस्तेमाल कर बड़े पैमाने पर जमीनों को भी खरीदा जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ दलालों द्वारा फर्जी कागजात के आधार पर घुसपैठियों को जमीन उपलब्ध कराई जा रही है।

बांग्लादेश और पाकिस्तान को जोड़ने के लिए मुस्लिम पट्टी

NBT


हरेंद्र प्रताप का कहना है कि इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा उत्तर भारत में मुस्लिम गलियारा बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि बांग्लादेश और पाकिस्तान को जोड़ा जा सके। हालांकि यह बात सुनने में अजीब लगती है लेकिन हरेंद्र प्रताप ने कहा कि यह गलियारा पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब से होते हुए हुए पाकिस्तान से मिलेगा। यही वजह है कि कट्टरपंथियों द्वारा सभी राज्य के सीमा से लगे जगहों पर मुस्लिम आबादी की संख्या बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसके लिए बांग्लादेशी और रोहिंग्या मुसलमानों को घुसपैठ करा कर सभी राज्यों के सीमावर्ती इलाकों में बसाने का काम भी कट्टरपंथियों द्वारा किया जा रहा है।

हरेंद्र प्रताप ने कहा कि दिल्ली में पकड़े गए पाकिस्तानी आतंकी को इसी मुस्लिमपट्टी को तैयार करने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) ने लगाया होगा। उन्होंने कहा कि संभवत इसलिए मोहम्मद अशरफ बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा से लेकर पूरे भारत में मुस्लिम स्लीपर सेल को तैयार कर रहा था। ताकि भारत में एक साथ कई जगह पर घटना को अंजाम दे सकें। उन्होंने कहा कि गुजरात में जिस ट्रेन को जलाया गया था उसमें भी बिहार का कनेक्शन सामने आया था इसके अलावा बिहार में कई आतंकवादी भी पकड़े गए हैं।

कौन है आतंकी अशरफ उर्फ अली अहमद नूरी

NBT


दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई द्वारा ट्रेंड किए गए जिस पाकिस्तानी आतंकी को पकड़ा है। उसकी निशानदेही पर दिल्ली में ही उसके बताये ठिकाना से एक AK-47 और कारतूस, हैंड ग्रेनेड, पिस्टल, कारतूस भी बरामद हुए है। इसके अलावा दिल्ली पुलिस को इसके पास से जो पहचान पत्र मिला है उसपर पता बिहार के किशनगंज जिले का है। बताया गया कि दिल्ली पुलिस ने यह इनपुट बिहार पुलिस के साथ भी शेयर किया है।

अली अहमद नूरी के नाम से फ़र्ज़ी पहचान पत्र के आधार पर दिल्ली में रहा आतंकी दिल्ली के अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, बंगाल समेत देश के कई हिस्सों में उसके द्वारा तैयार किए गए स्लीपर सेल के नेटवर्क के विषय में जानकारी इकट्ठा की जा रही है। बिहार के अंदर पाकिस्तानी आतंकी ने कैसे फर्जी दस्तावेज बनवा लिया। आखिर इस काम में उसकी मदद किसने की और बिहार में किन लोगों ने उसे संरक्षण दिया।

16 साल से भारत में ही रह रहा था आतंकी मोहम्मद अशरफ

NBT


संभावना जतायी जा रही है पिछले 16 साल से भारत में रह रहा आतंकी मोहम्मद अशरफ न सिर्फ देश में हुए आतंकी घटनाओं में शामिल रहा होगा बल्कि इन 16 सालों में उसने देशभर में स्लीपर सेल का कितना बड़ा नेटवर्क तैयार किया होगा। इसका पता लगाया जाना अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तानी आतंकवादी बांग्लादेश और वहां से सिलीगुड़ी के रास्ते बिहार आया था। मिली जानकारी के अनुसार शुरुआती दिनों में उसने किशनगंज में ही अपना नेटवर्क तैयार किया था। इसके अलावा बिहार में उसके और ठिकाने कहां-कहां थे और वह बिहार के किन-किन इलाकों में कितने दिनों तक रहा। वहां उसने क्या किया और उसके बाद दिल्ली आने के पीछे इसका मकसद और दिल्ली पहुंचने के पहले वह कहां कहां गया था फिलहाल पुलिस इस के भी पड़ताल कर रही है।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *