शहर के 15 हजार उपभोक्ताओं के यहां लगेंगे स्मार्ट मीटर
पहले मीटर की पूजा-अर्चना कर बांटी प्रसादी

करौली. जिला मुख्यालय पर बिजली उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शनों को हाईटेक करने के लिए विद्युत निगम की ओर से बुधवार से स्मार्ट मीटर लगाना शुरू कर दिया गया है। इससे ना केवल उपभोक्ताओं के लिए सुविधाएं आसान हो जाएंगी, बल्कि निगम को भी बड़ा फायदा होने की उम्मीद है। कम्पनी के प्रतिनिधियों ने यहां सत्यवती विहार कॉलोनी से स्मार्ट मीटर लगाने की शुरूआत की है। जयपुर विद्युत वितरण निगम की ओर से जिले में प्रथम चरण में करौली जिला मुख्यालय पर स्मार्ट मीटर लगाने की शुरूआत की गई है। शहर के करीब 15 हजार घरेलू-व्यवसायिक बिजली उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जाएंगे।

इस मौके पर विद्युत निगम के सहायक अभियन्ता (शहर) मोहित कटियार, सहायक प्रशासनिक अधिकारी अरविन्द अग्रवाल, कनिष्ठ अभियंता अंकुर गोयल, प्रोजेक्ट इंचार्ज करण सिंह, सर्किल इंचार्ज भगवान सिंह सहित अन्य जनों ने पहला स्मार्ट मीटर लगाकर उसका पूजा-अर्चना की और प्रसादी बांटी। इस मौके पर सहायक अभियन्ता (शहर) मोहित कटियार ने बताया कि शहर में वर्तमान में 15 हजार उपभोक्ता हैं। प्रयास यह किए जा रहे हैं सभी उपभोक्ताओं के यहां करीब एक माह में स्मार्ट मीटर लग जाएं। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने से उपभोक्ताओं और निगम को फायदा मिलेगा। समस्याओं-शिकायतों की गुंजाइश काफी कम हो जाएगी।

मोबाइल पर पता चलेगी उपभोग और बिल राशि
स्मार्ट मीटर का संचालन पूरी तरह कंट्रोल सर्वर रूम (कंट्रोल रूम) से होगा। प्रत्येक मीटर की एक्टिविटी की जानकारी सर्वर रूम में बैठे कार्मिक जांच सकेंगे। यदि किसी उपभोक्ता-कॉलोनी की बिजली बंद है तो यह भी पता चल सकेगा। बिजली बंद होते ही ऑटोमैटिक सर्वर रूम में इसकी जानकारी मिल जाएगी, जिस पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा किसी ट्रांसफॉर्मर पर अधिक लोड आ रहा है तो सर्वर रूम से उसे कंट्रोल किया जा सकेगा। वहीं लाइन में फाल्ट आने पर कार्मिकों को उसे ढूंढने के लिए मशक्कत नहीं होगी। इसके साथ ही उपभोक्ता जब चाहे तब यह देख सकेंगे कि उन्होंने अब तक कितनी बिजली उपभोग की है, उसकी कितनी राशि है और उसका करंट स्टेटस क्या है। यह सब उपभोक्ता के मोबाइल पर नजर आएगा। स्मार्ट मीटर में प्रीपेड प्लान के तहत उपभोक्ता को 15 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी। इसके साथ ही अब बिजली मीटर रीडर नहीं आने या रीडिंग और बिजली बिल राशि अधिक आने की उपभोक्ताओं की शिकायतों का भी इस स्मार्ट मीटर के जरिए निस्तारण हो सकेगा। सहायक अभियंता के अनुसार पभोक्ताओं को सटीक बिजली बिल जारी हो सकेंगे। अभी तक इस तरह की शिकायतें आती रही हैं।

निगम को भी होगा फायदा
स्मार्ट मीटर का निगम को भी बड़ा फायदा होगा। अभी तक चोरी-छीजत के कारण करोड़ों का नुकसान झेलने वाले निगम को अब स्मार्ट मीटर के बंद होने और उसमें छेड़छाड़ होते ही सर्वर रूम में पता चल जाएगा। इस पर निगम तत्काल कार्रवाई कर सकेगा। वहीं इस नई सुविधा में अब निगम कार्मिकों की भागदौड़ भी कम हो जाएगी। किसी उपभोक्ता द्वारा बिल राशि जमा नहीं कराने पर कंट्रोलरूम से बिजली बंद कर दी जाएगी। भुगतान होने पर ही बिजली चालू होगी।









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