सुमित शर्मा, कानपुर
कुख्यात अपराधी विकास दुबे (Vikas dubey) के राइट हैंड रहे अमर दुबे (Amar dubey) की पत्नी बिकरू कांड में आरोपी है। किशोर न्याय बोर्ड ने खुशी दुबे (Khushi dubey) को नाबालिग मानते हुए बाल संप्रेक्षण गृह में रखने का आदेश दिया था। खुशी अब बालिग हो चुकी है और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कानपुर देहात की माती जेल में शिफ्ट किया गया है। खुशी का मेडिकल कराने के बाद माती जेल की महिला बैरक में रखा गया है।

दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के रिश्तेदार अमर दुबे की शादी बीते 29 जून 2020 को खुशी दुबे से हुई थी। शादी के महज तीन दिन बाद 2 जुलाई 2020 की रात विकास दुबे के घर पर पुलिस टीम दबिश देने के लिए पहुंची थी। इसी दौरान विकास दुबे ने अमर दुबे और अपने गुर्गों के साथ मिलकर 8 पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी।

बिकरू कांड को अंजाम देने के बाद अमर दुबे फरार हो गया था। बीते 8 जुलाई 2020 को हमीरपुर के मौदाहा में एसटीएफ ने अमर दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था। पुलिस ने खुशी दुबे को बिकरू कांड में आरोपी बनाया था। पुलिस ने खुशी दुबे पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा था।

बिकरू कांड में 16 साल की थी खुशी
शैक्षिक प्रमाण पत्रों के अधार पर खुशी का जन्म 21 अगस्त 2003 को हुआ था। जिस वक्त बिकरू हत्याकांड हुआ था, खुशी 16 वर्ष की थी। किशोर न्याय बोर्ड में नाबालिग साबित करने के लिए स्कूल के प्रिंसिपल के बयान भी दर्ज किए गए थे। किशोर न्याय बोर्ड द्वारा खुशी को नाबालिग घोषित करने के बाद माती से जेल सें बाराबंकी के बाल संप्रेक्षण गृह में शिफ्ट किया गया था।

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किशोर न्याय बोर्ड को दिया गया था प्रार्थनापत्र
खुशी दुबे के बालिग होने का प्रार्थनापत्र किशोर न्याय बोर्ड में दिया गया था। जिसे किशोर न्याय बोर्ड ने मंजूरी दे दी। इसके बाद खुशी दुबे को बाराबंकी बाल संप्रेक्षण गृह से माती जेल में शिफ्ट किया गया है। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की बीच खुशी को बाल संप्रेक्षण गृह से लाकर मेडिकल कराया गया। खुशी को माती जेल में रखा गया है।



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