अब दो वक्त की रोटी के लिए मोहताज हुआ परिवार

उदयपुर/ बाठेरडा खुर्द. कोरोना काल में क्षेत्र में ऐसे कई परिवार हैं जिनका व्यवसाय, नौकरी एवं अन्य धंधे चौपट हो गए। वहीं कईबार ऐसे हादसे भी हो जाते हैं जो हंसी खुशी जिंदगी में खलल कर देते हैं। ऐसा ही मामला सामने आया है मोड़ी निवासी धनंजय दवे का। जो ड्राइविंग व मजदूरी कर दो वक्त की रोटी के खातिर नौकरी कर अपने परिवार का गुजारा कर रहा था। लेकिन एक हादसे ने दो वक्त की रोटी के खातिर मोहताज कर दिया है। जनवरी 2021 में धनंजय का एक सड़क हादसे में कूल्हे की हड्डी टूट गई, वहीं कई अन्य चोट आई। जबकि घर में कामाने वाला वही इकलौता था। ऐसे में घर में तंगहाली से गुजर रहा है।
सहकारी सहायता की आस : धनंजय इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था। पिछले लंबे समय से सरकारी सहायता की आस लगा रखी है। लेकिन अभी स्थिति जस की तस है।
तंगी हालात के चलते नहीं हो पाया ऑपरेशन
सड़क हादसे के बाद धनंजय दवे का अहमदाबाद सिविल अस्पताल में कूल्हे की हड्डी का ऑपरेशन करना तय हुआ लेकिन डॉक्टरों ने तमाम जांच के आधार पर बताया कि कूल्हे की हड्डी के ऑपरेशन का लगभग दो लाख रुपए का खर्च लगेगा। धनंजय के पास जो राशि थी उससे उन्होंने अपना इलाज कराया परंतु बड़ी राशि नहीं होने की वजह से आज भी मोड़ी स्थित अपने टपरे में बिना ऑपरेशन के दिन गुजार रहा है।
परिवार में एक ही कमाऊ
धनंजय अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला व्यक्ति था, उनके मां व पत्त्नी ,दो पुत्रियां तथा 13 साल का 1 पुत्र है। वह सभी का एक ही आसरा है। लेकिन जो राशि थी वह अस्पताल में इलाज में खर्च हो गई अब दो वक्त की रोटी के लिए भी मजबूर हैं।






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