चित्तौडग़ढ़. चित्तौडग़ढ़ दुर्ग के पूर्वी द्वार के समीप स्थित कीर्ति स्तंभ पर पिछले दिनों लगातार दो दिन तक आकाशीय बिजली गिरने एवं अनय जगह पर तडि़त चालक यंत्र नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को दोपहर बाद पुरातत्व विभाग जोधपुर के आला अधिकारी अधीक्षण पुरातत्वविद विपिन नेगी यहां पहुंचे।

चित्तौडग़ढ़. चित्तौडग़ढ़ दुर्ग के पूर्वी द्वार के समीप स्थित कीर्ति स्तंभ पर पिछले दिनों लगातार दो दिन तक आकाशीय बिजली गिरने एवं अनय जगह पर तडि़त चालक यंत्र नहीं होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए शनिवार को दोपहर बाद पुरातत्व विभाग जोधपुर के आला अधिकारी अधीक्षण पुरातत्वविद विपिन नेगी यहां पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कीर्ति सतभ का निरीक्षण किया वहां पर किस तरह से तडि़त चालक यंत्र स्थापित किया जाए इस बारे में जानकारी ली। उनके साथ चित्तोडग़ढ़ के पुरातत्व संरक्षण सहायक रतन जीतरवाल भी थे।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने कीर्ति स्तभ बिजली गिरने, पिछले ९ साल से इस मामले में भारतीय पुरातत्व संरक्षण विभाग की ओर लापरवाही बरतने एवं विजय स्तभ पर बिजली गिरने एवं मरीर मंदिर सहित अन्य मंदिरों पर भी प्राकृतिक आपदा का खतरा होने के मामले को प्रमुखता से उठाया था। जिसको लेकर १८ जुलाई के अंक में विजय स्तंभ पर भी बिजली गिरने का खतरा शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया गया। इसके बाद विभाग चेता और यहां पर शनिवार को पुरातत्व विभाग जोधपुर के आला अधिकारी अधीक्षण पुरातत्वविद विपिन नेगी पहुंचे। अधीक्षण पुरातत्वविद नेगी ने बताया कि कीर्ति स्तंभ पर पूर्व में लगा तडि़तचालक के पुर्जे अज्ञात व्यक्तियों द्वारा चोरी कर लिए गए थे, इस कारण आसमानी बिजली से कीर्ति स्तंभ को नुकसान हो रहा है। इसके संरक्षण के लिए विभाग की ओर से फिर से हिंदुस्तान जिंक की तकनीकी सहायता व सहयोग से तडि़त चालक लगाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में लगे तडि़त चालक के स्थान पर ही फिर से नई फिटिंग की जाएगी, जिससे इमारत में और सुराख नहीं करने होंगे। इसके अलावा तडि़त चालक का डीप ***** इमारत से दूर बनाया जाएगा। जिससे इसकी नींव में पानी नहीं जाए। उन्होंने बताया कि इसके साथ ही दूर्ग स्थित मीरा मंदिर, विजय स्तंभ, कीर्ति स्तंभ, कुंभ श्याम मंदिर आदि स्थानों पर भी तडि़त चालक स्थापित किए जाएंगे।
इसके साथ ही कीर्ति स्तंभ के संरक्षण में सहयोग करने के लिए तकनीकी कर्मचारियों के साथ हिंदुस्तान जिंक के उप प्रचालन अधिकारी स्लेटर्स एवं लोकेशन हेड सी चंद्रु, इंजीनियरिंग हेड दीप अग्रवाल, इलेक्ट्रिकल इंजीनियर अजीत शेखावत, सुपर वाइजर वर्किंग एजेंसी के भावेश शर्मा आदि भी साथ थे।





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