संदीप कुमार, मुजफ्फरपुर
चक्रवाती तूफान यास का असर भले ही खत्म हो गया है, लेकिन अपने पीछे इस तूफान ने मुजफ्फरपुर में बर्बादी का ऐसा मंजर छोड़ा है, जिसको देखकर किसानों का कलेजा बैठ गया है। तीन दिन की बारिश ने जिले में सब्जियों की फसल को पूरी तरह तबाह और बर्बाद कर दिया है। जिससे जिले के अन्नदाताओं की कमर टूट गई है।

किसानों की परेशानी का सबब यह है कि बिहार में भी यास तूफान ने भारी तबाही मचाई है, लेकिन इसके बाद भी अभी तक किसानों की फसल के नुकसान का आंकलन और उसकी भरपाई के लिए राज्य सरकार की ओर से कोई घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में इस कोरोना संक्रमण काल में बुरे दौर से गुजर रहे किसान पूरी तरह बर्बाद और तबाह हो गए है।

हजारों एकड़ में लगी फूलगोभी, भिंडी, परवल जैसे सब्जियां जलमग्न
मुजफ्फरपुर में तूफान से सबसे अधिक तबाही कांटी और मीनापुर प्रखंड में हुई है। जहां भारी बारिश की वजह से सब्जियों की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। इन प्रखंड के हजारों एकड़ में लगी फूलगोभी, भिंडी, परवल, नेनुआ, टमाटर, खीरा और करेले की फसल पूरी तरह जलमग्न हो गई है। ऐसे में किसान सिर्फ अपनी आंखों के सामने अपनी फसल को बर्बाद होता देख रहे है।

इस क्षेत्र में हुआ सबसे ज्यादा सब्जियों की फसल को नुकसान
कांटी के कोठिया, मधुबन, कुशी, मधुबन,छपरा, नरसंडा, बहादुरपुर, फुलकहा, पहाड़पुर, सदातापुर सहित कई गावों में सबसे अधिक सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। प्रखंड के कई गांवों के किसानों की मेहनत पर पूरी तरह पानी फिर गया है। इन इलाके में खेत में लगी फसल पानी में पूरी तरह डूब गयी है। इससे सब्जी सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

गौरतलब है कि किसानों को पहले ही लॉकडाउन की पाबंदी की वजह से सब्जियां का भाव नहीं मिलने से बेहद परेशान थे। ऊपर से प्रकृति के कहर ने किसानों के सभी अरमानों पर पानी फेर दिया है।

खेत में जलमग्न सब्जियां



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *