सरकर ने शुरू की राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर आधारित कृषि उपकरण संचालन परियोजना
– पांच साल पहले सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगाने वाले किसानों को मिलेगा लाभ

नागौर. जिले सहित प्रदेश भर में सोलर पैनल से बिजली उत्पादन करने वाले किसानों को सरकार ने एक और तोहफा देते हुए यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर लगाने के लिए योजना शुरू की है, जिसके माध्यम से किसान सौर ऊर्जा की बिजली से अन्य कृषि उपकरण यथा चाप कटर, आटा चक्की, डीप फ्रीज, मिन कोल्ड स्टोरेज, बल्क मिल्क चिलर, थ्रेसिंग व विनोइंग अथवा फल सब्जी सुखाने की मशीन आदि चला सकेंगे। यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर लगाने के लिए सरकार द्वारा किसानों को अनुदान दिया जाएगा।
राज्य सरकार के उद्यान विभाग ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर आधारित कृषि उपकरण संचालन परियोजना 2021-22 को लेकर विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इस योजना में जिन किसानों के 3 या 5 एचपी क्षमता तक सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र लगे हुए हैं और पांच साल पूरे हो गए हैं, उन्हें लाभान्वित किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य
प्रदेश में सौर ऊर्जा की अपार सभावना है, जिसे ध्यान में रखते हुए उद्यान विभाग द्वारा राज्य के किसानों के प्रक्षेत्र पर सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापित कराए गए हैं। सामान्यतया कृषक इन सौर ऊर्जा पम्प संयंत्रों का उपयोग सिंचाई के रूप में ही कर रहे हैं। इन सौर ऊर्जा संयंत्रों का उपयोग वष में लगभग 150 दिन ही हो पाता है। शेष दिनों में सोलर पैनल द्वारा उत्पादित की जा रही ऊर्जा का उपयोग नहीं हो पा रहा है। जिस समय यह सौर ऊर्जा पम्प सिंचाई के उपयोग में नहीं लिया जा रहा है, उस समय में उत्पादित होने वाली ऊर्जा को कृषक अन्य कृषि उपकरणों यथा चाक कटर, आटा चक्की, डीप फ्रीज, मिन कोल्ड स्टोरेज, बल्क मिल्क चिलर, थ्रेसिंग व विनोइंग अथवा फल सब्जी सुखाने की मशीन आदि चलाने में कर सकेंगे। इसके लिए यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर आधारित कृषि उपकरण संचालन परियोजना राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत अनुदान उपलब्ध करवाए जाएंगे।

जानिए, किसका होगा चयन

  • कृषक के खेत पर स्थापित सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र द्वारा कृषि एवं उद्यानिकी फसलों में सिंचाई की जा रही हो।
  • ऐसे कृषक जिनके द्वारा उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजना में अनुदान पर सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र स्थापित करवाए गए हैं और जिनकी पांच वर्ष की गारंटी समाप्त हो चुकी है। ऐसे किसान पात्र होंगे। यानी इस योजना का लाभ उठाने वाले किसानों के कंट्रोलर नए हो जाएंगे और नए पर दुबारा पांच साल की गारंटी मिलेगी।
  • इस योजना के तहत 3 या 5 एचपी के यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर (यूएसपीसी) पर अनुदान देय है।

    नागौर को मिला 95 का लक्ष्य
    परियोजना 2021-22 के तहत प्रदेश के सभी जिलों में कुल 10 हजार यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर स्थापित किए जाने हैं। इसमें नागौर जिले को 95 का लक्ष्य दिया गया है, जबकि सबसे अधिक 1530 का लक्ष्य बीकानेर जिले को दिया गया है। इसी प्रकार जयपुर को 1235 का, टोंक को 1370 का लक्ष्य दिया गया है। दूसरी तरफ करोली व धौलपुर को सबसे कम 30 का लक्ष्य दिया गया है।

अच्छी योजना, कृषक लाभ उठाएं
उद्यान विभाग ने राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अन्तर्गत यूनिवर्सल सोलर पम्प कंट्रोलर आधारित कृषि उपकरण संचालन परियोजना शुरू की है, जिसमें पात्र किसानों को 60 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। 3 एचपी के यूएसपीसी की लागत 83 हजार तथा 5 एचपी के यूएसपीसी की लागत 85 हजार 500 रुपए आएगी। किसानों के लिए यह योजना काफी लाभदायक साबित होगी। इसलिए उन्हें इसका लाभ उठाना चाहिए।
– अर्जुनराम मुण्डेल, कृषि अधिकारी, उद्यान विभाग, नागौर















Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed