शादी समारोह पर लगा ब्रेक

झालावाड़ देवशयन एकादशी व चातुर्मास शुरू होने के कारण रविवार से मंागलिक कार्यक्रम थम गए हैं। शुभ ग्रहों के अस्त रहने पर विवाह अनुष्ठान रूक जाते हैं और उदय होने पर विवाह आरंभ होते हैं। अब मांगलिक कार्यों व शादी समारोह के लिए 119 दिन तक देवउठनी एकादशी तिथि का इंतजार करना होगा। शादी समारोह के लिए जुलाई में भड़ल्या नवमी का विशेष अबूझ मुहूर्त रहेगा।ज्योतिषाचार्य सोहनलाल जोशी ने बताया कि जुलाई में विवाह के शुभ मुहूर्त 18 तारीख रविवार को था। चातुर्मास में विवाह के अलावा जनेऊ, मुंडन, गृहप्रवेश व नवीन कार्य टालने का विधान है। नवंबर में 15, 19, 20, 21, 22, 28, 29, 30 तारीख के सावे रहेंगे। इदिसंबर में 1, 6, 11, 12, 13 तारीख तक सावे हैं। साल के अंत में भी 13 दिसंबर के बाद मलमास प्रारंभ हो जाएगा। चातुर्मास के दौरान खरीदारी में कोई अड़चन नहीं है।
खरीदारी के लिए 19 जुलाई श्रेष्ठ दिवस है। उसके बाद अगस्त में 12, दिसंबर में 8 शुभ मुहूर्त रहेंगे। वहीं अक्टूबर और नवंबर में सात-सात दिन शुभ योग रहेंगे। जनवरी 2022 में भी केवल 22 व 23 तारीख को मुहूर्त रहेंगे। इस बीच 6 से 12 जनवरी तक शुक्र का तारा अस्त रहेगा। फरवरी में 5, 6, 10 और 18 बाद 24 फरवरी को गुरु अस्त होने के साथ मंागलिक कार्य रूक जाएंगे। पंचांग के अनुसार में मुहूर्त में कुछ फेरबदल हो सकता है।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *