हाइलाइट्स

  • 25 जुलाई को मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी मनाएगी ‘फूलन देवी शहादत दिवस’
  • फूलन देवी के संघर्ष की वजह से ही कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद बने थे मंत्री : मुकेश सहनी
  • मंत्री मुकेश सहनी के पटना स्थित सरकारी आवास में तैयार की जा रही है फूलन देवी की प्रतिमा
  • 25 जुलाई 2001 को दिल्ली स्थित आवास पर की गई थी सांसद फूलन देवी की हत्या

पटना।
आज से 20 साल पहले उत्तर प्रदेश की मशहूर डकैत और जेल से रिहा होने के बाद सांसद बनी फूलन देवी की दिल्ली स्थित आवास पर गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। फरवरी – मार्च 2022 में उत्तर प्रदेश चुनाव को देखते हुए बिहार NDA में शामिल बिहार सरकार के मंत्री मुकेश सहनी की ‘विकासशील इंसान पार्टी’ अब फूलन देवी के सहारे उत्तर प्रदेश में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करने में लगी है। यही वजह है कि 25 जुलाई 2021 को बिहार और उत्तर प्रदेश के सभी प्रमंडल में मुकेश सहनी की पार्टी ‘फूलन देवी’ को ‘वीरांगना’ की उपाधि देते हुए ‘शहादत दिवस’ मनाने का फैसला लिया है।

फूलन देवी के संघर्ष की वजह से ही कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद बने थे मंत्री : मुकेश सहनी
बिहार सरकार के मंत्री और विकासशील इंसान पार्टी के सुप्रीमो मुकेश सहनी ने कहा कि फूलन देवी एक वीरांगना थी। उन्होंने जुर्म के सामने कभी घुटने नहीं टेका और संघर्ष करके संसद तक का सफर तय किया। मुकेश सहनी ने कहा कि फूलने देवी ने पूरे उत्तर भारत में निषाद समाज में एक अलख जगाने का काम किया था। जिसका परिणाम यह रहा कि कैप्टन जयनारायण प्रसाद निषाद सांसद बनकर मंत्री तक बनें। बता दें कि 25 जुलाई 2001 को फूलन देवी की हत्या दिल्ली स्थित उनके आवास पर कर दी गयी थी।

क्या है फूलन देवी की कहानी
10 अगस्त 1963 को उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गाँव के बेहद गरीब मल्लाह परिवार में जन्मी फूलन देवी गाँव के कुछ विशेष वर्ग के लोगों प्रताड़ित होने के बाद डकैतों के गिरोह में शामिल हो गई थी। बताया जाता है कि फूलन देवी को बेहमई गांव में एक घर के एक कमरे में बंद कर दिया गया था। इसके बाद करीब तीन सप्ताह तक गांव कई उच्च जाति के पुरुषों ने उसके साथ मारपीट और बलात्कार किया। इसके अलावा उन्हे अपमानित करने के लिए गाँव के चारों ओर नग्न कर घुमाया गया था।

लेकिन तीन सप्ताह की कैद के बाद फूलन देवी वहां से निकल वह भागने में कामयाब रही। 14 फरवरी 1981 को फूलन देवी बदला लेने अपने बनाए गिरोह के साथ वापस बेहमई गांव पहुंची और गांव वालों को प्रताड़ित करने वाले दो लोगो को सामने लाने की बात कही थी। लेकिन उनके नहीं आने पर फूलन देवी ने गिरोह के लोगों के साथ गांव के उच्च जाति के सभी युवकों को लाइन में खड़ा कर गोलियों से छलनी कर दिया था। इस नरसंहार में 22 युवक की जान चली गई थी।

इस घटना के बाद फूलन देवी पर डकैती और अपहरण पचास से अधिक अपराधों का आरोप लगा और उसे ‘बैंडिट क्वीन‘ कहा जाने लगा। कई साल बाद फूलन देवी ने आत्मसमर्पण किया और 11 साल तक बिना किसी मुकदमे के जेल में बंद रही। इसके बाद 1994 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने फूलन देवी को रिहा कर दिया था। और 1996 में फूलन देवी ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ी और जीतकर संसद तक पहुँची थी।

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टाइम पत्रिका ने विश्व की 16 क्रांतिकारी महिलाओं में वीरांगना फूलन देवी को चौथे स्थान पर रखा
बिहार सरकार के मंत्री मुकेश सहनी का कहना है कि, अगर आज वीरांगना फूलन देवी जीवित होती तो उनकी और निषाद समाज की देश के राजनीति में एक अलग जगह होती। उन्होंने कहा कि मशहूर टाइम पत्रिका ने विश्व की 16 क्रांतिकारी महिलाओं में वीरांगना फूलन देवी को चौथे स्थान पर रखा। देश और दुनिया के हर एक महिला को फूलन देवी पर गर्व है।
मुकेश सहनी ने बताया कि वीरांगना फूलन देवी के विचारों को जीवित एवं आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश के 18 प्रमंडलों में 18 फीट ऊंची विशालकाय प्रतिमा स्थापित कर उनकी याद में शहादत दिवस के रूप में मनाया जाएगा।

पटना के सरकारी आवास में तैयार की जा रही है फूलन देवी की प्रतिमा
बिहार सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के मंत्री मुकेश सहनी के पटना स्थित सरकारी आवास पर पूर्व सांसद फूलन देवी की दो दर्जन मूर्ति का निर्माण कराया जा रहा है। बताया गया कि पटना में तैयार की गई फूलन देवी की मूर्तियों को आगामी 25 जुलाई को उत्तर प्रदेश के सभी प्रमंडलों के चिन्हित जिलों बनारस, लखनऊ, बलिया, संत कबीर नगर, बाँदा, अयोध्या, सुल्तानपुर, गोरखपुर, महाराजगंज, औरैया, प्रयागराज, उन्नाव, मेरठ, मिर्जापुर, संत रविदास नगर, मुजफ्फरनगर, फिरोजाबाद, जौनपुर में प्रतिमा स्थापित कर माल्यार्पण किया जायेगा।

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मुकेश सहनी ने बताया कि अगले साल यानी 2022 में उत्तर प्रदेश के बचे हुए जिले में फूलन देवी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। बताया गया कि इस कार्यक्रम में मुकेश सहनी खुद वाराणसी जिला के सुजाबाद पड़ाव पर मौजूद रहेंगे। इसके अलावा पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता पूरे बिहार और उत्तर प्रदेश में पंचायत से लेकर जिला स्तर तक शहादत दिवस मनाने का कार्य करेंगे।



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