बन सकते हैं सिविल विंग में दो अधीक्षण अभियंता

11 जिलों व 12 सर्किलों के कार्यो का जिम्मा

अजमेर डिस्कॉम

अजमेर. अजमेर विद्युत वितरण निगम प्रशासन ने निगम की सिविल विंग के लिए अतिरिक्त मुख्य अभियंता का पद सृजित करने के लिए राज्य सरकार को अर्थना भेजी है। निगम द्वारा सिविल विंग के लिए दो अधीक्षण अभियंताओं का भी प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने से निगम की सिविल विंग की कार्यकुशलता में और निखार आएगा और बेहतर मोनीटरिंग हो सकेगी। वर्तमान में डिस्कॉम कि सिविल विंग में एक ही अधीक्षण अभियंता का पद स्वीकृत है जो निगम के 11 जिलों और 12 सर्किलों में पावर हाउस भवन का निर्माण, निगम के कार्यालयों का निर्माण, मरम्मत सहित अन्य कार्य देखता है। जबकि मीटर एंड प्रोटेक्शन (एमएंडपी) विंग में 3 अधीक्षण अभियंता तथा ओएंडएम विंग के लिए 12 अधीक्षण अभियंता कार्य कर रहे हैं।

अभी जुगाड़ से चला रहे हैं काम

निगम प्रशासन अभी तक सिविल विंग को किसी तरह जुगाड़ से चला रहा है। इस विंग में दशकों से पदोन्नति नहीं हुई है। एईएन एक्सईएन के पद से ही अभियंता सेवानिवृत हो रहे है। पहले सिविल विंग का एचओडी मुख्य अभियंता (एमएम) हुआ करते थे। 2019 से संभागीय मुख्य अभियंता (अजमेर) को सिविल विंग का मुखिया बना रखा है जो कि एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हैं। जिन्हें सिविल कार्यों का ज्यादा ज्ञान नहीं होता है इससे पता चलता है कि निगम अपने सिविल कार्यों को कितना गंभीरता से लेता है।

दशकों से नहीं हुई पदोन्नति

निगम में जहां इलेक्ट्रिकल इंजीनियर तो चीफ इंजीनियर और डायरेक्टर टेक्निकल जैसे पदों पर पदोन्नत हो जाते हैं परंतु डिस्कॉम की ही सिविल विंग में वर्तमान अधीक्षण अभियंता जो कि विगत कई वर्षों से अधीक्षण अभियंता के पद पर कार्यरत हैं उनका प्रमोशन सिविल विंग में अगले स्तर पर इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि निगम में ऊपरी स्तर पर कोई पद ही स्वीकृत नहीं है।

पूर्व में कमी बता वापस लौटाया प्रस्ताव

निगम डिस्कॉम प्रशासन के द्वारा पूर्व में भी दो बार राज्य सरकार को एडिशनल चीफ इंजीनियर सिविल के पद के लिए प्रस्ताव भेजा गया लेकिन ऊपरी स्तर पर सही पैरवी नहीं होने कारण प्रस्ताव में कमी निकालते हुए वापास लौटा दिया गया।होटल की तरह बनाया मुख्यालयनिगम की सिविल विंग ने पंचशील में स्वयं डिजाइन पर होटल की तरह मुख्यालय भवन का निर्माण कम खर्च में करवाया है। यह अजमेर के सरकारी भवनों में अलग ही नजर आता है। हाल ही हाथीभाटा पावर हाउस में मुख्य अभियंता का नया भवन बनाया गया है।

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