हाइलाइट्स

  • राजस्थान बीजेपी के महामंत्री दिलावर के विवादित बयान
  • समुदाय, समाज व विशेष वर्ग के खिलाफ बयान देने से भी नहीं हिचक रहे मदन दिलावर
  • हाल में दिया जातिवादी बयान ने पकड़ा तूल, फिर माफी मांगी

कोटा/ जयपुर अर्जुन अरविंद
राजस्थान बीजेपी के महामंत्री और कोटा रामगंजमंडी से विधायक मदन दिलावर का विवादों से नाता कोई नया नहीं है। लेकिन उनके बयान पार्टी के लिए मुसीबत बन जाते हैं। हाल की कोटा के रामगंजमंडी के गांव मंडा में भी ऐसा ही हुआ। ‘प्रशासन गांव के संग’ शिविर के तहत दिलावर अपने विधानसभा क्षेत्र के गांव में पहुंचे, गांव के विकास के लिए ग्रामीणों ने विधायक कोष से बजट की मांग की, तो दिलावर भड़क गए और जातिवादी बयान दे दिया। इसके बाद जब मामले में तूल पकड़ा , तो शाम होते होते दिलावर ने वीडियो बयान जारी कर माफी मांग ली।

दिलावर ने क्यों मांगी माफी
जानकारों की मानें, तो मंडा गांव में मदन दिलावर की ओर से जातिवादी बयान देने के बाद अचानक बैकफुट पर आने की बड़ी वजह थी। सूत्रों की मानें तो दिलावर के बयान के बाद जब इस पर राजनीति शुरू हुई। वहीं कांग्रेस और अन्य संगठनों ने उन्हें घेरा, तो प्रदेश आलाकमान की ओर से उन पर दबाब बनाया गया। क्योंकि उनके बयान से गुर्जर समाज नाराज था, लिहाजा पार्टी नहीं चाहती थी , उस क्षेत्र का बाहुल्य तबका पार्टी के वोट बैंक से छिटक जाएं। लिहाजा पार्टी की ओर से समझाने और खुद की समझदारी से दिलावर ने बयान दर्ज कर माफी मांग ली। वहीं घटना के संबंध में स्पष्टीकरण भी दे दिया।

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सूत्रों की मानें, तो केंद्रीय नेतृत्व की ओर से राजस्थान में सरकार बनाने के लिए पार्टी के आला नेताओं को अभी से ही हिदायत दी गई है। पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा खुद पार्टी के नेताओं को अदरूनी लड़ाई को खत्म करने और बेफिजूल की बयानबाजी ना करने की सलाह दे चुके हैं। लेकिन फिर भी पार्टी के कुछ नेताओं की ओर से ऐसे बयान सामने आते रहते हैं, जो पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। मदन दिलावर के कुछ बयान भी ऐसे ही है, जिसमें वो शायद जुबां पर नियंत्रण नहीं रख पाएं।

2013 में भुगत चुके हैं खामियाजा
पार्टी सूत्र बताते हैं कि संगठन की मान मर्यादओं से अलग-थलग जाकर दिलावर जो बयान दे रहे हैं, ऐसा ना हो उन्हें आगामी चुनावों में संगठन वोटबैंक के बडे नुकसान के चलते अगला चुनाव लडने का मौका ना दें।क्योंकि दिलावर के साथ साल 2013 में कुछ ऐसा ही हुआ था, संगठन ने उन्हें टिकट ही नहीं दिया। दिलावर तब पार्टी को अपनी मां बतलाकर खूब गिडगिडाएं थे। पार्टी सूत्र की मानें तो, बेतुक बयान विवादित बयान देकर दिलावर पार्टी के लिए सिरदर्द बनते जा रहे हैं।

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जून 2021 में दिलावर ने कहा किसान आंदोलन में संभवत आतंकवादी, लुटेरे शामिल हो गए, आंदोलन में शामिल किसानों के लिए कहा ये लोग कथित किसान है, जो पिकनिक मना रहे हैं, चिकन-बिरयानी काजू-बादाम खाकर ऐशो आराम कर रहे है। ये बर्ड फ्लू फैलाने का षडयंत्र हैं। देश में बर्ड फ्लू फैलाने में किसान आंदोलन का बडा हाथ बताया था।

दिसंबर 2019 में दिलावार ने यह भी बयान दिया था, कि राजस्थान में कांग्रेस को वोट देने वाले लुच्चे-लफंगे, बदमाश और रेपिस्ट हैं। सब अच्छे लोगों ने तो भाजपा को वोट दिया है।

सितंबर 2021 में दिलावर ने कहा मेवात क्षेत्र मिनी पाकिस्तान बन रहा हैं। विधानसभा में बोलते हुए कहा था कि मेवात आतंकवादियों और गुंडों के गढ के रूप में उभर रहा है। एक विशेष समुदाय को टारगेट करते हुए यह बयान दिया।

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मेवात में लोग मंदिरों को तोडते है और मस्जिद बनाते हैं। दिलावर ने मेवात विकास बोर्ड निरस्त करने की मांग की। कहा था आज बोर्ड को निरस्त नहीं किया, तो बीजेपी की सरकार बनेगी तब मेवात विकास बोर्ड निरस्त किया जाएगा।

जून 2021 में कहा धारा 370 में फेरबदल करने की कोशिश करने वालों के हाथ काट दिए जाएंगे। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लिए कहा कि नेहरू क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की हत्या में शामिल थे।

जुलाई 2019 में एक विषेष समुदाय पर टारगेट करते हुए कहा कुछ लोग जनसंख्या बढाकर देश की सत्ता हथियाने का षडयंत्र कर रहे है।



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