जयपुर
देशभर में कोयले की कमी के बाद लगातार बिजली आपूर्ति की दिक्कतें आ रही है। राजस्थान लगभग तीन महीने से इस संकट से जूझ रहा है। लिहाजा प्रदेश के कई जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग सात से आठ घंटे के लिए बत्तीगुल हो रही है। मिली जानकारी के अनुसार कोयला की लगातार बढ़ती कमी के कारण बिजली उत्पादन ना हो पाने के चलते अब जहां प्रदेश के किसानों और व्यापारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इस संबंध में जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) ने बड़े पैमाने पर बिजली कटौती करने का फैसला किया है।

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जिला मुख्यालयों में एक घंटे की बिजली कटौती
जेवीवीएनएल की मानें, तो इसके तहत अभी सभी जिला मुख्यालयों और सभी नगरपालिका क्षेत्रों में दिन के समय 1 घंटे की बिजली कटौती की जा रही है। जबकि ग्रामीण इलाकों में 3 से 4 घंटे की कटौती की करने का फैसला लिया गया है। अधिकारियों की मानें, तो कोयले की कमी के बाद कारण बिजील उत्पादन नहीं हो रहा है। लिहाजा डिमांड और सप्लाई को मेंटेन करने के लिए यह ‘एनर्जी मैनेजमेंट’ किया गया है। इसी के तहत राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के कई जिलों में बिजली कटौती की जा रही है।

सूरतगढ़ थर्मल पावर प्लांट की 6 इकाईया ठप
श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में सुपर थर्मल पावर प्लांट की 6 इकाइयों में भी उत्पादन ठप हो गया है। अब यहां सिर्फ दो इकाइयों में उत्पादन हो रहा है। इनमे से एक इकाई 250 मेगावाट और दूसरी इकाई 660 मेगावाट क्षमता की है। लिहाजा इसी के चलते जोधपुर विद्युत वितरण निगम ने ग्रामीण क्षेत्रों में 4 घंटे और शहरी क्षेत्रों में 1 घंटे विद्युत कटौती शुरू कर दी गई है। वहीं श्रीगंगानगर शहर में बिजली लाइनों के रखरखाव के नाम पर 3 से 4 घंटे का कट विभिन्न क्षेत्रों में लगाया गया है। हनुमानगढ़ जिले के भी कई कस्बो में भी 1 घंटे की कटौती के आदेश है।

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गंगानगर में किसानों पर दोहरी मार
मिली जानकारी के अनुसार जहां पूरे प्रदेश के ग्रामीण – शहरी विद्युत कटौती से व्यापार, कारोबार और कारखानों में उत्पादन प्रभावित हो रहा है। वहीं राजस्थान के श्रीगंगानगर के किसानों पर इस बिजली संकट से दोहरी मार पड़ रही है। इसकी वजह यह है कि पहले से ही जहां किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। वहीं बिजली संकट के कारण अब वे ट्यूबवैल से सिंचाई ना कर पाने में असमर्थ है।

अघौषित कटौती भी बढ़ा रही है परेशानियां
उल्लेखनीय है कि जहां अधिकारियों की ओर से प्रदेश के शहरी इलाकों में एक घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में चार घंटे की कटौती की बात कही जा रही है। वहीं लोगों का कहना है कि कई जगह चार घंटे से भी ज्यादा की कटौती हो रही है। कई जिलों में 8 घंटे तक की कटौती की बात सामने आ रही है। लोगों का कहना है कि जब अधिकारियों से पूछा जाता है कि लगातार आठ घंटे की कटौती क्यों हो रही है, तो वे जयपुर से कटौती करने की बात कह देते हैं।



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