हाइलाइट्स:

  • उपचुनाव में हार के बाद बीजेपी में मंथन
  • आलाकमान को भेजी जाएगी समीक्षा रिपोर्ट
  • प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां करेंगे वरिष्ठ नेताओं से विमर्श

जयपुर
प्रदेश में 17 अप्रेल को उपचुनाव संपन्न होने के बाद अब नतीजे भी घोषित हो चुके हैं। नजीतों के अनुसार जहां कांग्रेस ने दो सीटों पर कब्जा जमाया है। वहीं बीजेपी अपने मजबूत गढ़ राजसमंद को बचाने में कामयाब रही है। लेकिन इसी बीच बीजेपी में एक बड़ी चर्चा का विषय यह बना हुआ है कि आखिरकार बीजेपी सहाड़ा और सुजानगढ़ में इतने बड़े मार्जिन से कैसे पीछे रह गई है। अब प्रदेश बीजेपी की ओर से इसे लेकर मंथन शुरू हो गया है। उप चुनावों में दो विधानसभाओं में मिली हार को लेकर बीजेपी ने रिपोर्ट तैयार करने का प्रोसेस शुरू कर दिया है। पार्टी प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां सहित कई आला नेता इसमें जुट गए हैं। वहीं इस संबंध में पार्टी जल्द ही अपनी फाइनल रिपोर्ट केंद्रीय आलाकमान को भेजेगी।

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सहाड़ा- सुजानगढ़ में ऐसी रही बीजेपी की रिपोर्ट
आकड़ों पर गौर किया जाएं, तो सुजानगढ़ में दिवंगत विधायक मास्टर भंवरलाल के पुत्र मनोज मेघवाल 35,611 और सहाड़ा से दिवंगत विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री देवी 42,099 वोटों से चुनाव जीत मिली। इन दोनों ही सीटों पर बीजेपी की ओर से जो प्रत्याक्षी खड़े हुए थे, उन्हें बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा । हालांकि राजसमंद से दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी 5165 वोटों से जीतने में कामयाब रही हैं। सहाड़ा में जीत का सबसे बड़ा अंतर देखने को मिला। वहीं राजसंमद में कांटे की टक्कर देखने को मिली।

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दो दिन पहले जारी किया था बयान
बता दें कि इससे दो दिन पहले भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर सतीश पूनिया ने प्रदेश में उपचुनाव के नतीजों पर बयान जारी किया था। इस बयान में पूनिया ने कहा कि तीनों ही उपचुनाव में प्रतिकूल परिस्थितियों में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अथक परिश्रम किया है, इससे राजसमंद में भाजपा ने अपनी जीत को बरकरार रखा है और कांग्रेस की जीत के मंसूबों को सफल नहीं होने दिया। हालांकि उसी दौरान उन्होंने हार की समीक्षा कर कमियों को दूर करने की बात भी कही थी।

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