दिल्ली-मुंबई रेलमार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किमी प्रति घंटे करने की योजना के तहत सिग्नल तंत्र में बड़ा तकनीकी बदलाव किया जा रहा है। अब तक 3 हजार सिग्नल बदल दिए गए हैं। सिग्नल की दृश्यता बढऩे से गाडिय़ां रास्ते में विलम्ब नहीं हो रही। अब कोटा मंडल में 97.79 प्रतिशत ट्रेनें सही समय पर चल रही हैं।

कोटा. कोटा रेल मंडल में मिशन रफ्तार के तहत ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे किए जाने की योजना पर तेजी से कार्य हो रहा है। इसके तहत सिग्नल तंत्र में बड़ा बदलाव किया गया है। नई तकनीक के सिग्नल दूर से ही चालक को दिखाई देते हैं। सिग्नल की दृश्यता बढऩे से गाडिय़ां रास्ते में विलम्ब नहीं हो रही। अब कोटा मंडल में 97.79 प्रतिशत ट्रेनें सही समय पर चल रही हैं।
मंडल में स्टार्टर सिग्नल, मेन लाइन सिग्नल और डिस्टेंट सिग्नल सहित कुल 4100 से भी अधिक सिग्नलों में से लगभग 3000 सिग्नलों की एलईडी लाइट्स को बेहतर टैक्निकल स्पेसिफिकेशन वाली अत्याधुनिक एलईडी लाइट में परिवर्तित कर दिया है। इससे ट्रेनों के समय पालन में सुधार आया है। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 749 एलईडी लाइट्स को बदला गया है। मार्च 2022 तक मंडल के सभी प्रकार के सिग्नलों की एलईडी लाइट्स को अत्याधुनिक सिग्नल वाली एलईडी में बदलने का लक्ष्य रखा गया है। मंडल रेल प्रबंधक पंकज शर्मा के अनुसार दिसम्बर 2023 तक मिशन रफ्तार का काय पूरा हो जाएगा।

आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से अब इन एलईडी लाइट्स में एक ही यूनिट का प्रयोग किया जा रहा है, जबकि पहले वाली सिग्नल लाइट्स में दो अलग अलग यूनिट का प्रयोग किया जाता था। वहीं करंट रेगुलेटर अलग होता था तथा दूसरी यूनिट एलईडी अलग होती थी, अब दोनों इंटिग्रेट होकर एक ही यूनिट में आ गई है।
– अजयकुमार पाल, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, कोटा






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