राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से अलग-अलग जिलों में 19 खेल अकादमियों का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रवेश लेने वाले बच्चों को रहने, खाने, पढऩे, मेडिकल सहित खेल प्रशिक्षण की सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। श्रेष्ठ प्रशिक्षक उनको प्रशिक्षण देते हैं।

By: Rajesh

Published: 14 Oct 2021, 06:13 PM IST

एक्सक्लूसिव
राजेश शर्मा

झुंझुनूं. राजस्थान में सभी निजी व सरकारी स्कूल खुल गए। कोचिंग संस्थानों में सैकड़ों विद्यार्थी आ रहे हैं। उप चुनावों में हजारों लोगों की सभा हो रही है। लेकिन कोविड का हवाला देकर सरकार ने सभी 19 सरकारी खेल अकादमियों पर ताले लगा रखे हैं। यह ताले पिछले दो वर्ष से लगे हुए हैं। इस कारण प्रतिभावान खिलाडिय़ों को प्रशिक्षण नहीं मिल रहा। राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद की ओर से अलग-अलग जिलों में 19 खेल अकादमियों का संचालन किया जा रहा है। यहां प्रवेश लेने वाले बच्चों को रहने, खाने, पढऩे, मेडिकल सहित खेल प्रशिक्षण की सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध करवाई जाती है। श्रेष्ठ प्रशिक्षक उनको प्रशिक्षण देते हैं।

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ऐसे मिलता है प्रवेश
आवेदन आमंत्रित करने के बाद संभाग मुख्यालय पर चयन होता है। इसके लिए सबसे पहले दस्तावेजों की जांच की जाती है। मेडिकल टेस्ट होता है। शारीरिक दक्षता परीक्षा होती है। निर्धारित मापदंडों के अनुसार खेल कौशल परीक्षण में उत्तीर्ण होने के बाद खिलाडिय़ों का चयन किया जाता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पिछले तीन वर्ष से लगातार पदक विजेता खिलाडिय़ों को चयन में प्राथमिकता दी जाती है। राजस्थान की 19 खेल अकादमियों में 426 खिलाडिय़ों का चयन किया जाना प्रस्तावित है।

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कहां कौनसी अकादमी
जयपुर : बालिकाओं की बास्केटबाल, एथलेटिक्स, वॉलीबाल, तीरंदाजी व हैंडबाल अकादमी। बालक सीनियर बास्केटबाल अकादमी, बालक हॉकी अकादमी।
जोधपुर : बालक फुटबाल अकादमी
अजमेर : बालिका हॉकी अकादमी
जैसलमेर : बालक बास्केटबाल अकादमी, बालक हैंडबाल अकादमी
करौली : बालिका कबड्डी अकादमी
उदयपुर : बालक तीरंदाजी अकादमी
झुंझुनूं : बालक वॉलीबाल अकादमी
भरतपुर : बालक कुश्ती अकादमी
कोटा : बालिका कुश्ती अकादमी
बीकानेर : बालक साइक्लिंग अकादमी
डूंगरपुर : बालक तीरंदाजी अकादमी

प्रवेश के लिए आयु
बालक वर्ग में 13 से 16 वर्ष
बालिका वर्ग में 13 से 17 वर्ष
सीनियर में 18 से 20 वर्ष

इनका कहना है
जब स्कूल व कॉलेज खुल गए तो सरकार को खेल अकादमियों का संचालन भी शुरू कर देना चाहिए। इसमें उम्र की पाबंदी है, इसलिए अनेक खिलाड़ी तो बिना चयन हुए उम्रदराज हो जाएंगे।
-दर्शन सिंह जोडिय़ा, पूर्व कप्तान, भारतीय बास्केटबाल टीम

पूरे राजस्थान में स्टेट चैम्पियनशिप हो रही है। स्कूलों में हॉस्टल खुल गए तो खेल अकादमियों को बंद रखना गलत है। जल्द ही ट्रायल करवाकर सभी 19 खेल अकादमियों को शुरू करना चाहिए।
मेहरचंद भास्कर, अर्जुन पुरस्कार विजेता





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