The administration set up a camp in the village, the sarpanch did the work living in the veil

पटोंदा में लगा प्रशासन गांवों के संग अभियान का शिविर

 

पटोंदा./ हिण्डौनसिटी.
कुरीतियों की बेडियों को तोड़ महिलाएं आधुनिक भारत में पुरुषों के कंधे से कंधा मिला कर सशक्तीकरण की नई इबारत लिख रही हैं। सरकार भी महिलाओं को प्रोत्साहित कर ही है। समाज में बदलाव के दौर मे आज भी पर्दा प्रथा देखने को मिल रही है। स्थिति यह है कि जनप्रतिनिधि चुनने के बाद भी महिलाएं पर्दा प्रथा की जकड़ से निकल नहीं पा रही हैं।

मंगलवार को श्रीमहावीरजी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत पटोदा में लगे प्रशासन गांवों के संग अभियान के शिविर में ऐसा ही दृश्य देखा गया। जहां सरपंच ऊषा मीणा ने अधिकारियों के बीच घूंघट की ओट में पंचायत संबंधी कार्यों का निस्तारण किया। महिला सरपंच पूरे समय घूंघट की ओट में कुर्सी पर बैठी रहीं। पत्रिका प्रतिनिधि के पूछने पर सरपंच ने कहा कि सामाजिक मान मर्यादा के कारण पर्दा प्रथा आवश्यक है।

शिविर में हुए कई कार्य, ग्रामीणों को मिली राहत
प्रशासन गांवों के संग अभियान के शिविर में ग्रामीणों के विभिन्न विभागों से संबंधित कार्यों को मौके पर निवटाए। इस दौरान ग्रामीणों को भूमि के नवीन पट्टे दिए गए। वहीं मनरेगा में रोजगार के लिए ग्रामीणों को जॉब कार्ड जारी किए गए। शिविर में जमीनों का बड़ी संख्या में रूपांतरण एवं खातेदारी शुद्धीकरण कार्य भी किया गया।

शिविर प्रभारी हिम्मत सिंह ने बताया कि पंचायत राज विभाग द्वारा शिविर में मौके पर ही मनरेगा में 55 जॉब कार्ड ,15 आबादी भूमि के पट्टे,15 शौचालयों का व्यक्तिगत भुगतान,8 जन्म प्रमाण-पत्र, 10 मृत्यु प्रमाण-पत्र ,12 वृद्धावस्था पेंशन के अलावा राजस्व विभाग के द्वारा 25 व्यक्तियों के आवेदनों का शुद्धिकरण किया गया। शिविर में 22 विभागों के अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे ।

इस दौरान शिविर में विकास अधिकारी ज्ञान सिंह,सहायक विकास अधिकारी दिनेश चंद शर्मा,नायब तहसीलदार महावीर प्रसाद, प्रमोद पाठक,अमृत मीना, पटोंदा ग्राम विकास अधिकारी अशोक भगौर, पटोंदा सरपंच उषा मीना, सरपंच प्रतिनिधि हरी सिंह मीणा,महिला बाल विकास की सुपरवाइजर सुनीता मीना, सहायक कृषि अधिकारी तेजभन सिंह, जलदाय विभाग के सहायक अभियंता जेपी मीणा,चिकित्सा विभाग के डॉ बलराम मीणा, पशुपालन विभाग के डॉ. विनय मंगल, आयुर्वेद विभाग के प्रेमचंद सहित सभी विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे।

जल योजना को लेकर हुई नोकझोंक
शिविर में ग्रामीणों ने एक करोड़ 31 की लागत की जनता जल योजना के ठप पड़े होने की शिकायत की। शिविर प्रभारी हिम्मत सिंह व विकास अधिकारी ज्ञानसिंह ने ग्रामीणों के समक्ष ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियन्ता जेपी मीना को तलब कर लिया। साथ ही सरपंच प्रतिनिधि हरि सिंह मीना व ग्राम विकास अधिकारी अशोक सिंह को भी बुला लिया।

इस दौरान जलयोजना को हस्तांतरित (हैंडओवर) करने को लेकर परस्पर नोंकझोंक हो गई। सरपंच प्रतिनिधि व ग्रामविकास अधिकारी ने जलयोजना के कार्य को अधूरा बता सुपुर्दगी लेने से मना कर दिया। वहीं कनिष्ठ अभियंता का कहना था कि जलयोजना का कार्य पूरा है, किसी प्रकार की कमी नहीं है। इसी बात को लेकर हंगामा खड़ा हो गया।

गांव में प्रशासन ने लगाया शिविर, घूंघट में रह सरपंच ने निबटाए कार्य





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