नागौर. शहर की जाजोलाई नाडी में दुर्गा अष्टमी पर बुधवार की शाम माता की प्रतिमा को विसर्जन करते समय तीन युवक नाड़ी में डूब गए। इनमें एक की मौत हो गई, जबकि दो को सुरक्षित निकाल लिया गया।

-हैड कांस्टेबल बने गोताखोर, कल होगा मृतक का पोस्टमार्टम

आधिकारिक तौर पर इनकी संख्या तीन बताई जा रही है, जबकि शहर में पांच युवकों के नाड़ी में फंसने की खबरें वायरल हुईं। गोताखोर मौके पर देरी से पहुंचे तो कोतवाली हैड कांस्टेबल शिवराम ने नाड़ी में डूबे युवक को तलाशने में लंबी मशक्कत की।

सांसी बस्ती स्थित जाजोलाई नाडी में बुधवार शाम करीब साढ़े पांच बजे बस्ती से तीस-चालीस श्रद्धालुओं का दल मूर्ति विसर्जन करने पहुंचा। मूर्ति विसर्जन के बाद इनमें से कुछ युवक नहाने लगे और गहरे पानी में तीन जने फंस गए। इनमें गिरीश (22) और मोनू (17) को तो निकाल लिया गया, लेकिन सुरेश (22) नहीं निकल पाया। ये तीनों सांसी बस्ती के रहने वाले थे। ऐसे में वहां हल्ला मच गया और कोतवाली पुलिस के साथ कंट्रोल रूम को सूचना दी। एसडीएम सुनील पंवार, कोतवाली सीआई बृजेंद्र सिंह मय टीम मौके पर पहुंचे। गोताखोर नहीं आते देख सीआई ने कोतवाली के हैड कांस्टेबल शिवराम को तुरंत मौके पर बुलाया। शिवराम ने आते ही नाडी में छलांग लगा दी, साथ ही अपने दो- तीन अन्य जानकार तैराकों के साथ सुरेश की तलाश शुरू कर दी।

दो घंटे बाद निकला शव
रामप्रसाद भाटी, हैड कांस्टेबल शिवराम समेत चार-पांच लोगों की मशक्कत के बाद करीब साढ़े सात बजे सुरेश (22) का शव निकाला गया। पुलिस ने सुरेश को जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सकों ने सुरेश को मृत घोषित कर दिया। सुरेश मजदूरी का काम करता था। उसके दो बच्चे हैं।

इनका कहना

तीन युवक ही डूबे थे, इनमें गिरीश और मोनू को निकाल लिया गया। सुरेश की मौत हो गई। उसका गुरुवार को पोस्टमार्टम होगा।

-सुनील पंवार, एडीएम नागौर







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