हाइलाइट्स:

  • नोएडा के पंचायत चुनाव में बंदरों का आतंक बड़ा मुद्दा
  • सूरजपुर इलाके के कई गांवों में बंदरों से परेशान लोग
  • पंचायत में फैसला, आतंक से निजात दिलाने वाले को वोट
  • 4 चरणों में पंचायत चुनाव, नोएडा में 19 अप्रैल को वोटिंग

रवि प्रकाश सिंह रैकवार, नोएडा
बिजली, पानी और सड़क जैसे मुद्दे तो हर चुनाव के केंद्र बिंदु में होते हैं। इन्हीं की बदौलत विकास की तस्वीर पेश की जाती है। लेकिन इस बार गौतमबुद्ध नगर के पंचायत चुनाव में मूलभूत मुद्दों के साथ बंदर भी चुनाव में जीत और हार का समीकरण तय करने वाले हैं। दरअसल ग्रेटर नोएडा के कई सेक्टरों और गांवों में बंदरों का आतंक है। आए दिन बंदर किसी न किसी को काट लेते हैं। लोगों का आरोप है कि जिला प्रशासन और प्राधिकरण इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रहा है।

इस समय प्रधानी, बीडीसी और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव को लेकर प्रत्याशी प्रचार करने में जुटे हैं। मतदाता कह रहे हैं कि जो प्रत्याशी बंदरों के आतंक से निजात दिलाएगा उसी के सिर पर जीत का ताज होगा। प्रत्याशी भी बंदरों के आतंक को दूर करने का दावा कर रहे हैं। बंदरों के आतंक को कैसे दूर किया जाएगा, प्रत्याशी भी इसका मास्टर प्लान तैयार कर रहे हैं।

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हर सप्ताह लोग होते हैं घायल
सुरजपुर मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर दूर नई बस्ती गांव के अशोक प्रधान कहते हैं कि गांव में बंदरों का आतंक है। आए दिन बंदर लोगों को घायल कर रहे हैं। घर के सामान को तोड़ रहे हैं। हमारे गांव में लोगों ने बैठक कर निर्णय लिया है कि जो इस समस्या से निजात दिलाएगा उसी को वोट दिया जाएगा। बच्चों को सबसे ज्यादा खतरा है। आसपास के गांवों से भी लोग बंदरों को लाकर छोड़ देते हैं।

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किसान छोड़ रहे खेती करना
बोडाकी गांव के राजवीर ने बताया कि बंदरों का गांव में आतंक कुछ ऐसा है कि बिजली के पोल हों या बाइक का कवर कुछ भी सुरक्षित नहीं है। सब्जी की खेती करने वाले किसान भी बंदरों के आतंक से परेशान हैं। बंदर बाड़े के अंदर आकर सब्जी की फसल को तोड़कर फेंक रहे हैं। आवारा पशुओं का आतंक भी कुछ ऐसा है कि छोटे किसानों ने खेती करने से ही किनारा कर लिया है। बंदरों और पशुओं का आतंक इस बार बड़ा चुनावी मुद्दा है।

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बाहर से लंगूर मंगवाकर दिलवाएंगे निजात

कठहैरा गांव के प्रधान पद के प्रत्याशी मनीष भाटी ने कहा कि मेरे गांव में अन्य गांवों की अपेक्षा बंदरों का कम आतंक है, लेकिन भविष्य में इस समस्या से निपटने का खाका अभी से तैयार किया जा रहा है। कर्मियों की तैनाती सहित लंगूर मंगवाकर इस समस्या को दूर किया जाएगा। वहीं फेडरेशन ऑफ आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष देवेंद्र टाइगर ने कहा कि ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में आने वाले सभी सेक्टरों में बंदरों का आतंक है। इस बार चुनाव में यह बड़ा मुद्दा है। बताते चलें कि यूपी में पंचायत चुनाव चार चरणों में 15, 19, 26 और 29 अप्रैल को होंगे। गौतम बुद्ध नगर में 19 अप्रैल को वोटिंग है। वहीं वोटों की गिनती 2 मई को होगी।

MONKEY ATTACK

प्रतीकात्मक तस्वीर



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